नासिक रिंग रोड (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)  
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नासिक सिंहस्थ कुंभ मेला 2027: बाह्य रिंग रोड का काम जून में होगा शुरू, पर समय पर पुलों का निर्माण असंभव

Nashik Kumbh Mela 2027: नासिक सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के लिए बनने वाले 66 किमी लंबे आउटर रिंग रोड का काम जून में शुरू होगा, लेकिन समय सीमा के भीतर 3 बड़े पुलों का निर्माण असंभव माना जा रहा है।

रूपम सिंह

Nashik Outer Ring Road infrastructure project: आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के मद्देनजर नासिक शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए सबसे गेम-चेंजर माने जा रहे 66 किलोमीटर लंबे बाह्य रिंग रोड परियोजना को लेकर एक बड़ी और चौंकाने वाली बात सामने आई है। जून के पहले या दूसरे हफ्ते में इस महा-परियोजना का काम जमीन पर प्रत्यक्ष रूप से शुरू तो होने जा रहा है, लेकिन तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, सिंहस्थ कुंभ मेले की समय सीमा यानी 31 मई 2027 तक इस मार्ग के 3 बड़े पुलों का निर्माण पूरा होना तकनीकी रूप से पूरी तरह असंभव है।

ऐसे में दावों और हकीकत के बीच फंसा यह प्रोजेक्ट प्रशासन के लिए गले की फांस बनता नजर आ रहा है। प्रशासनिक दावों के मुताबिक, जून में काम शुरू होने के बाद सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए महज 12 महीने का वक्त बचेगा। अगर इसमें मानसून के दो महीनों की लगातार होने वाली बारिश को घटा दिया जाए, तो प्रभावी रूप से केवल 10 महीने ही बचेंगे।

25 गांवों की सीमाओं से गुजरेगी सड़क

यह मार्ग फिलहाल 4-लेन का होगा, जिसमें भविष्य में 6-लेन विस्तार की क्षमता रखी गई है। इस पूरे रूट पर 3 बड़े पुल, 18 छोटे पुल, 29 व्हीकल अंडरपास और 7 वायाडक्ट्स का निर्माण किया जाना है, जो नासिक के 25 गांवों की सीमाओं से गुजरेगा। परियोजना के लिए कुल 385 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है, जिसमें से करीब 330 हेक्टेयर जमीन के लिए भूस्वामियों ने सहमति दे दी है। हालांकि, कई गांवों में किसान अपनी खेती और आवासीय संपत्तियों को बचाने के लिए रिंग रोड के अलाइनमेंट (नक्शे) को बदलने की मांग पर अड़े हैं। इस गतिरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा पैंतरा चलते हुए '100 प्रतिशत भूसंपादन की शर्त' को शिथिल कर दिया है। अब केवल 50 प्रतिशत जमीन मिलते ही काम शुरू करने की विशेष अनुमति दे दी गई है। इसी ढील के कारण जून में उन जगहों पर काम शुरू हो रहा है जहां सीधे तौर पर जमीनें खरीदी जा चुकी है।

सिंहस्थ कुंभ मेले में आएंगे लाखों श्रद्धालु

सिंहस्थ कुंभ मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने वाली है, जिसके लिए मुंबई-आगरा राजमार्ग, नासिक-पुणे राजमार्ग, त्र्यंबकेश्वर मार्ग और समृद्धि महामार्ग को आपस में जोड़ने वाला यह रिंगरोड बेहद महत्वपूर्ण है।

सूत्रों के अनुसार, परियोजना से जुड़ी तमाम सरकारी एजेंसियों और महाराष्ट्र बुनियादी ढांचा विकास निगम को इस कड़वी हकीकत का बखूबी अंदाजा है कि 31 मई 2027 तक यह काम पूरा नहीं हो सकता। यही वजह है कि अब प्रशासन ने एक 'बैकअप प्लान' तैयार किया है, जिसके तहत सिंहस्थ से पहले पूरे रिंगरोड के बजाय किन्हीं खास हिस्सों का काम युद्धस्तर पर पूरा कर वहां से आंशिक रूप से यातायात शुरू करने का गुप्त लक्ष्य रखा गया है।

3 बड़े पुलों के निर्माण में देरी की आशंका

विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि आधुनिक तकनीक से 66 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण तो रिकॉर्ड समय में किया जा सकता है, लेकिन इस मार्ग पर प्रस्तावित 3 बड़े पुलों का निर्माण कार्य कितनी भी रफ्तार से किया जाए, फिर भी उसे पूरा होने में कम से कम डेढ़ साल (18 महीने) का समय लगेगा। इसलिए कुंभ मेले से पहले इस पूरे रिंग रोड को ट्रैफिक के लिए खोलना लगभग नामुमकिन है।

जमीन अधिग्रहण के लिए 3,650 करोड़ रुपये मंजूर नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभमेला प्राधिकरण ने इस विशाल परियोजना के लिए 7,600 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी है। जमीन अधिग्रहण के लिए 3,650 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिसका खर्च राज्य सरकार उठाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 47।9 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण के लिए 3,954 करोड़ रुपये का फंड स्वीकृत किया है।

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