Sanjay Raut Nashik Pothole Protest: महाराष्ट्र के नासिक शहर में सड़कों की बदहाली और जानलेवा गड्ढों के खिलाफ शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे ने एक बेहद आक्रामक और अनोखा प्रदर्शन किया।
जन आक्रोश मोर्चा का नेतृत्व करते हुए राज्यसभा सांसद संजय राउत ने न केवल प्रशासन को चेतावनी दी, बल्कि विरोध स्वरूप सड़क पर यमराज का भैंसा भी लेकर आए। राउत ने साफ लहजे में कहा कि अब नासिक की जनता और नहीं सहेगी।
प्रदर्शन के दौरान संजय राउत ने नगर निगम के अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नासिक, जो भगवान राम के निवास से पवित्र हुई पंचवटी की भूमि है, आज मौत के जाल में तब्दील हो गई है। राउत ने प्रदर्शन के दौरान यमराज के भैंसे की ओर इशारा करते हुए कहा, हमने यमराज को भी बुलाया है ताकि जो लोग सत्ता के मद में चूर होकर अंदर बैठे हैं, उन पर इसे छोड़ा जा सके। उन्होंने निगम आयुक्त और सत्ताधारी नेताओं को हत्यारा करार देते हुए उन पर धारा 302 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की।
संजय राउत ने आंकड़ों के साथ प्रशासन को घेरा। उन्होंने बताया कि नासिक के गड्ढों ने अब तक 12 मासूमों की जान ले ली है और 550 से अधिक लोग घायल होकर जीवन भर के लिए हैंडीकैप हो गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से 14 वर्षीय बालक विश्वास बदाने की मौत का जिक्र किया, जिसकी जान हाल ही में इन्हीं गड्ढों के कारण गई।
राउत ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 35 हजार करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद सड़कें गायब हैं। उन्होंने आने वाले कुंभ मेले की तैयारियों में भी भारी भ्रष्टाचार का दावा किया और कहा कि हजारों करोड़ रुपये अपने चहेते ठेकेदारों में बांटे जा रहे हैं।
संजय राउत ने नगर निगम आयुक्त को कड़ा संदेश देते हुए 15 दिनों की समय सीमा दी है। उन्होंने गरजते हुए कहा, हमें कोरे आश्वासन नहीं, काल-मर्यादा चाहिए। अगर 15 दिनों में गड्ढे नहीं भरे गए, तो फिर तुम हो और हम हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नासिक की जनता के लिए सड़कों का विकास नहीं हुआ, तो शिवसैनिक नासिक नगर निगम के दरवाजे तोड़कर भीतर घुसने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को दिए जाने वाले 5 लाख रुपये के मुआवजे को राउत ने भीख बताया। उन्होंने मांग की कि मृतकों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये और घायलों को 50 लाख रुपये दिए जाने चाहिए, क्योंकि ठेकेदार करोड़ों का कमीशन खा रहे हैं। उन्होंने भाजपा विधायकों पर भी तंज कसा कि वे सरकार में होकर भी आंदोलन का नाटक कर रहे हैं।
संजय राउत का यह कड़ा रुख और यमदूत वाला प्रदर्शन सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा बटोर रहा है, जिससे साफ है कि आने वाले दिनों में नासिक की राजनीति और सड़कों का मुद्दा और गरमाने वाला है।