Sanjay Raut Attacks BJP: महाराष्ट्र के नासिक में सड़कों की बदहाली और जानलेवा गड्ढों के खिलाफ शिवसेना उद्धव गुट का जन आक्रोश मोर्चा राजनीतिक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। इस मोर्चे को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया और नासिक के पालक मंत्री व कुंभमंत्री गिरीश महाजन सहित भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर जमकर प्रहार किया।
संजय राउत ने दिल्ली के जंतर-मंतर का उदाहरण देते हुए सीधी चेतावनी दी कि जब बड़े-बड़े सूरमा उनके आगे नहीं टिक पाए, तो स्थानीय मंत्री की क्या बिसात है।
शिवसैनिकों के भारी हुजूम को संबोधित करते हुए संजय राउत ने कहा कि प्रशासन और सत्ताधारी नेता जनता की चीड और गुस्से को हल्के में न लें। उन्होंने दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा, आपने यहां कितना भी कड़ा बंदोबस्त किया हो, हमने दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी ऐसा ही देखा था।
जब लोग वहां घुसे, तो मोदी और शाह को भी पीछे हटना पड़ा। जब मोदी और शाह भाग गए, तो गिरीश महाजन तू क्या चीज़ है? हम नासिक नगर निगम के भीतर घुसकर रहेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस आग और गुस्से को तब तक जलाए रखें जब तक न्याय न मिल जाए।
संजय राउत ने नासिक की सड़कों की स्थिति को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नासिक जैसी पवित्र नगरी, जहां भगवान राम का वास रहा, वहां आज गड्ढों के कारण 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 550 से अधिक लोग घायल होकर अपंग हो गए हैं।
राउत ने आरोप लगाया कि कुंभ मेले के नाम पर 35 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद सड़कें गायब हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विकास के सारे ठेके गुजरात के ठेकेदारों और जामनेर के सब-कॉन्ट्रैक्टरों को दिए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर लूट है।
राउत ने हाल ही में 14 वर्षीय बालक विश्वास बदाने की गड्ढे के कारण हुई मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और इसे प्रशासन द्वारा किया गया मर्डर करार दिया। उन्होंने मांग की कि नासिक नगर निगम आयुक्त और कुंभ मंत्री गिरीश महाजन पर धारा 302 के तहत मामला दर्ज होना चाहिए।
उन्होंने सरकार द्वारा दिए जा रहे 5 लाख रुपये के मुआवजे को ठुकराते हुए मांग की कि मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये और घायलों को 50 लाख रुपये दिए जाने चाहिए।
इस अनोखे प्रदर्शन में राउत अपने साथ यमराज का भैंसा भी लेकर आए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर गड्ढे नहीं भरे गए और सड़कें ठीक नहीं हुईं, तो शिवसैनिक नगर निगम के गेट तोड़कर भीतर घुसेंगे और अहंकारी अधिकारियों पर यह रेडा छोड़ देंगे।
संजय राउत ने अंत में कड़े लहजे में कहा, काल-मर्यादा खत्म होने के बाद अगर काम नहीं हुआ, तो फिर तुम हो और हम हैं। इस भाषण के बाद नासिक की राजनीति में उबाल आ गया है और प्रशासन पर दबाव काफी बढ़ गया है।