Nashik Ring Road Land Acquisition: नासिक रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब तेज गति से आगे बढ़ रही है। अधिकांश क्षेत्रों में किसानों की सहमति मिलने के बाद जिला प्रशासन ने 20 गांवों के लिए 1,534 करोड़ रुपये के मुआवजा पैकेज की घोषणा की है। प्रशासन का दावा है कि किसानों का सहयोग मिलने से परियोजना को समय पर पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है।
प्रशासन के अनुसार अब तक 6 गांवों में करीब 55.09 हेक्टेयर (लगभग 137 एकड़) निजी भूमि की सीधी खरीद पूरी की जा चुकी है। इसके बदले संबंधित भू-स्वामियों को 362 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया गया है। यह प्रक्रिया आपसी सहमति के आधार पर पूरी की जा रही है, जिससे अधिग्रहण कार्य में तेजी आई है।
रिंग रोड परियोजना के तहत नाशिक और दिंडोरी तहसीलों के 25 गांवों से कुल 377.95 हेक्टेयर निजी भूमि, 17.18 हेक्टेयर सरकारी भूमि और 11 हेक्टेयर वन भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। हालांकि मुंगसरे, मातोरी और चांदशी सहित पांच गांवों में प्रस्तावित अलाइनमेंट को लेकर कुछ किसानों ने आपत्ति जताई है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि अधिकांश किसान स्वेच्छा से परियोजना का हिस्सा बन रहे हैं।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में TET पेपर लीक विवाद पर विपक्ष का सरकार पर हमला, निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने संयुक्त खाताधारकों से आपसी विवादों के कारण मुआवजा लेने में देरी नहीं करने की अपील की है। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी संबंधित भू-स्वामी संयुक्त बैंक खाता खोलकर मुआवजा प्राप्त करें, ताकि उन्हें वर्तमान नीति के तहत पांच गुना मुआवजे का लाभ मिल सके।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि भूमि अधिग्रहण कानून के तहत अनिवार्य अधिसूचना जारी हो जाती है, तो मुआवजा पांच गुना से घटकर चार गुना रह जाएगा। इसलिए किसानों को समय रहते सहमति देकर अधिक लाभ प्राप्त करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन के अनुसार अब तक 76 गुटों से कुल 55.09 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। इसमें मानोरी (5.265 हेक्टेयर), ढकाबे (10.319 हेक्टेयर), वरवंडी (4.21 हेक्टेयर), आडगांव (10.776 हेक्टेयर), बेलगांव ढगा (24.453 हेक्टेयर) और गौलाणे (0.07 हेक्टेयर) शामिल हैं। प्रशासन का लक्ष्य शेष गांवों में भी जल्द सहमति के आधार पर भूमि अधिग्रहण पूरा कर रिंग रोड परियोजना को निर्धारित समय में आगे बढ़ाना है।