पुणे सड़क दुर्घटनाएं (सोर्स: AI)
नासिक

Pune Road Accidents: पुणे की सड़कों पर पैदल और दोपहिया चालक सबसे ज्यादा जोखिम में, आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

Pune Road Accidents: पुणे जिले में अबतक करीब 121 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। तेज रफ्तार गाड़ियां, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और सड़क की खामियां दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रही हैं।

आलोक उमाकृष्ण

Highlights

  • पुणे-सोलापुर हाईवे पर सबसे अधिक 46 ब्लैक स्पॉट हैं।

  • पुणे मनपा क्षेत्र में 15 ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं।

  • हडपसर, कात्रज चौक और वारजे फ्लाईओवर जोखिम वाले स्थानों में शामिल हैं।

Black Spots And Traffic Safety Challenges: पुणे शहर और जिले में बढ़ते वाहनों के दबाव के बीच सड़क दुर्घटनाएं गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। प्रमुख चौराहों, व्यस्त सड़कों और हाईवे पर हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। पुणे जिला प्रशासन ने वर्ष 2026 में जिले की विभिन्न सड़कों और राजमार्गों पर 121 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं।

इनमें पुणे-सोलापुर हाईवे पर सबसे अधिक 46 दुर्घटना संभावित स्थान शामिल हैं। प्रशासन ने संबंधित विभागों को इन स्थानों का निरीक्षण कर जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए हैं।

ब्लैक स्पॉट पर हादसों का खतरा

ब्लैक स्पॉट ऐसे सड़क हिस्से होते हैं, जहां बार-बार गंभीर या जानलेवा दुर्घटनाएं होती हैं। पुणे जिले में चिह्नित 121 स्थानों में से 15 पुणे महानगरपालिका क्षेत्र में हैं। अन्य स्थान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग और संबंधित विभागों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

हडपसर पुलिस स्टेशन के सामने का क्षेत्र, कात्रज चौक, वारजे फ्लाईओवर, सोलापुर रोड पर किर्लोस्कर न्यूमेटिक्स के पास और पुणे-नगर हाईवे पर पेरणे फाटा जैसे स्थान दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में शामिल बताए गए हैं।

ट्रैफिक नियमों की अनदेखी भी बड़ी वजह

सड़क हादसों के पीछे केवल खराब सड़कें ही जिम्मेदार नहीं हैं। तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, सिग्नल तोड़ना और शराब पीकर ड्राइविंग करना भी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ाते हैं। इसके अलावा दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट और कार चालकों द्वारा सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना गंभीर जोखिम पैदा करता है।

व्यस्त सड़कों पर पैदल यात्रियों को भी कई बार सुरक्षित रास्ता पार करने में परेशानी होती है। पुणे पुलिस के वर्ष 2025 के विश्लेषण के अनुसार, सड़क हादसों में जान गंवाने वालों में करीब 90% पैदल यात्री और दोपहिया वाहन सवार थे।

प्रशासन के सामने सड़क सुरक्षा की चुनौती

ब्लैक स्पॉट पर गड्ढों की मरम्मत, बेहतर स्ट्रीट लाइट, स्पष्ट साइनबोर्ड, जंक्शन में सुधार और ट्रैफिक सिग्नल लगाने जैसे उपाय जरूरी हैं। ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई के साथ नागरिकों को भी नियमों का पालन करना होगा। प्रशासन और संबंधित विभागों के समन्वय से ही दुर्घटना संभावित स्थानों को सुरक्षित बनाया जा सकता है।

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