Nida Khan TCS Case Real Face: नासिक टीसीएस धर्मांतरण और यौन शोषण मामले की मुख्य आरोपी निदा खान आखिरकार पुलिस के शिकंजे में है। नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर उसे नरेगांव इलाके से दबोचा। पुलिस आयुक्त संदीप कार्णिक ने बताया कि निदा खान पिछले कई दिनों से नरेगांव की कैसर कॉलोनी में एक फ्लैट में अपने माता-पिता, भाई और चाची के साथ रह रही थी। पुलिस को तीन दिन पहले उसके लोकेशन की जानकारी मिली थी, जिसके बाद दो दिनों तक इलाके की रेकी की गई और फिर उसे गिरफ्तार किया गया।
निदा खान की गिरफ्तारी के बाद जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई, वह उसका वास्तविक चेहरा था। जांच अधिकारियों के अनुसार, निदा ने सोशल मीडिया पर अपनी जो तस्वीरें पोस्ट की थीं, वे उसकी असलियत से बिल्कुल अलग थीं। यह माना जा रहा है कि उसने जानबूझकर अपनी पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए ऐसा किया था। 42 दिनों तक फरार रहने के दौरान उसने पूरी सावधानी बरती, लेकिन एसआईटी की तकनीकी जांच के आगे उसकी चालाकी धरी की धरी रह गई।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि नासिक टीसीएस में जो कुछ भी हुआ है, वह बहुत ही संवेदनशील और गंभीर विषय है। फडणवीस ने इसे 'कॉर्पोरेट जिहाद' का रूप मिलने की आशंका जताई और कहा कि पुलिस इस षड्यंत्र की जड़ तक पहुंचेगी। उन्होंने टीसीएस प्रबंधन द्वारा जांच में सहयोग करने और इस घटना की निंदा करने के लिए कंपनी की सराहना भी की।
टीसीएस की निलंबित कर्मचारी निदा खान पर महिला कर्मचारियों का यौन उत्पीड़न करने, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और उन्हें इस्लाम में परिवर्तित करने के लिए मजबूर करने जैसे संगीन आरोप हैं। एसआईटी की जांच में पता चला है कि वह वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए कर्मचारियों को निशाना बनाती थी और उन पर मांसाहारी भोजन खाने व धार्मिक मान्यताओं को बदलने का दबाव डालती थी। कंपनी की नासिक इकाई में छेड़छाड़ और उत्पीड़न के कुल 9 मामले दर्ज हैं, जिनमें निदा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
गिरफ्तारी से पहले निदा खान ने अग्रिम जमानत के लिए हर संभव कानूनी प्रयास किए थे। हालांकि, स्थानीय अदालत ने अपराध की प्रकृति को देखते हुए उसकी याचिकाओं को बार-बार खारिज किया। एसआईटी ने अदालत को बताया कि आरोपी की हिरासत मामले के अंतरराष्ट्रीय लिंक और साजिश के खुलासे के लिए अनिवार्य है। निदा से पहले रजा रफीक मेमन, तौसीफ अत्तार, दानिश शेख और शाहरुख कुरैशी जैसे आरोपियों को पहले ही 18 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। अब निदा से होने वाली पूछताछ में कई और बड़े नामों के सामने आने की संभावना है।