Nashik TCS Case: नासिक पुलिस ने निदा खान को पकड़ा, 25 दिन से फरार आखिर पुलिस की गिरफ्त में

Nashik TCS Case Nida Khan: नासिक TCS कांड में फरार चल रही मुख्य आरोपी निदा खान को पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया है। उस पर धर्मांतरण और धार्मिक भावनाएं आहत करने जैसे गंभीर आरोप हैं।
Nashik TCS Case Nida Khan Arrest
नासिक टीसीएस केस आरोपी निदा खान (सोर्स: फाइल फोटो)
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Nashik TCS Case Nida Khan Arrest: नासिक टीसीएस कांड की मुख्य आरोपियों में से एक निदा खान को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। निदा खान पर नासिक में स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस कंपनी में धर्मांतरण का आरोप था।

बतौर नासिक टीसीएस एचआर निदा खान पर ना सिर्फ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप है, बल्कि उस पर इस घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपियों की मदद करने और यौन शोषण जैसे गंभीर मामलों के भी आरोप है।

25 दिनों से फरार थी आरोपी निदा खान

नासिक टीसीएस कांड की फरार आरोपी निदा खान को नासिक पुलिस की स्पेशल टीम पिछले 25 दिनों से ढूंढ़ रही थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए निदा खान ने कई कानूनी दांव पेंच की भी कोशिश की थी। हालांकि इन सभी के बावजूद भी निदा खान को नासिक पुलिस द्वारा संभाजीनगर से हिरासत में लिया गया है। नासिक टीसीएस में कथित दुष्कर्म, छेड़छाड़ और धर्मांतरण के प्रयास से जुड़े मामले ने अब एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का रूप ले लिया है। विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में ऐसे ठोस सबूत मिले हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि आरोपियों ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से एक युवक और एक युवती को निशाना बनाया था। इस मामले में फरार आरोपी निदा खान की मुश्किलें और बढ़ गई हैं, क्योंकि अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

धर्मांतरण के लिए बांटी गई थी कईयों को जिम्मेदारी

जांच के अनुसार, आरोपियों ने पीडितों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर उनका धर्म परिवर्तन कराने का सुनियोजित खाका तैयार किया था। आरोपी तौसिफ अत्तार और दानिश शेख को युवक के धर्मांतरण की जिम्मेदारी दी गई थी। उसे बार-बार होटलों में ले जाकर मांसाहार करने के लिए मजबूर किया गया।

पीड़िता के साथ इगतपुरी स्थित एक रिसॉर्ट में कथित अत्याचार किए गए। पुलिस ने दानिश द्वारा 3,200 रुपये में रिसॉर्ट बुक कराने के प्रमाण भी जुटाए है। आरोपियों पर देवी-देवताओं के बारे में गलत जानकारी फैलाने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप है। पुलिस ने पीड़िता के पास से विशेष धार्मिक परिधान, बुर्का, किताबें और संदिग्ध मोबाइल ऐप्स बरामद किए हैं। जांच में कंपनी की पॉश समिति की गंभीर कमियां भी सामने आई हैं-नाशिक कार्यालय में 50 से अधिक महिला कर्मचारी होने के बाद भी अलग से पॉश समिति नहीं बनाई गई थी।

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