Nashik Climate Impact: नासिक गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने नासिक जिले की खेती और फलबागानों को तहस-नहस कर दिया है। अचानक बदले मौसम के मिजाज से न केवल जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ, बल्कि किसानों को भारी आर्थिक चोट पहुंची है।
प्रशासन के प्राथमिक आकलन के अनुसार, जिले के हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी और कटाई के लिए तैयार फसलें बर्बाद हो गई हैं। जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी कार्यालय की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, बेमौसम की मार बहुत व्यापक है जिले में कुल 28 हजार 364 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें प्रभावित हुई हैं।
सटाणा, निफाड, सिन्नर और मालेगांव तहसील में कुदरत का सबसे ज्यादा कहर देखने को मिला है। जिले के 349 गांवों में नुकसान दर्ज किया गया है। प्रशासन ने अब तक लगभग 39 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र का प्रारंभिक सर्वेक्षण पूरा कर लिया है।
बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने प्याज, सब्जिया, मक्का और प्रमुख फलबागानी को निशाना बनाया है खेती से निकालकर रखे गए प्याज के भीगने से उनके सड़ने का खतरा बढ़ गया है, जिससे बाजार भाव गिरने की आशंका है।
अंगूर पट्टे में लगातार बदलते मौसम और नमी के कारण कली की गुणवत्ता और चमक पर बुरा असर पड़ने का डर है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं से आम के बौर और अनार के छोटे फलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। गुरुवार शाम करीब 6 बजे अचानक शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की सूरत बिगाड़ दी।
पंचवटी, सिडको, सातपुर और नासिक रोड जैसे क्षेत्रों में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। भारी जलभराव के कारण मुख्य मागाँ पर यातायात घंटों तक बाधित रहा, कई इलाकों में बिजली के खंभे और पेड़ों की टहनिया गिरने से घंटों तक बिजली गुल रही।