नासिक के आदिवासी छात्रों ने भूख हड़ताल खत्म की (सोर्सः सोशल मीडिया)
नासिक

अनशन खत्म, संघर्ष नहीं! मांगों पर बनी सहमति तो भूख हड़ताल खत्म, नासिक में Tribal Students का धरना अब भी जारी

Nashik Tribal Students End Hunger Strike: नासिक में कलेक्टर से बातचीत के बाद आदिवासी छात्रों ने भूख हड़ताल खत्म कर दी, लेकिन आश्रम स्कूलों समेत विभिन्न मांगों को लेकर धरना जारी रखने का फैसला किया।

आलोक उमाकृष्ण

Nashik Tribal Students Protest: नासिक में विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे आदिवासी छात्रों ने जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद से बातचीत के बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। ईदगाह मैदान में 100 से अधिक छात्र आंदोलन कर रहे थे।

इनमें विवेक गावित, राहुल पावारा और लक्ष्मी जाधव अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। छात्रों की मांगों को लेकर प्रशासन के साथ लगातार चर्चा चल रही है। कलेक्टर आयुष प्रसाद ने बताया कि छात्रों की समस्याओं को लेकर सरकार और प्रशासन गंभीरता से काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मंत्री भी छात्रों के संपर्क में हैं और आदिवासी विकास विभाग के साथ मिलकर विभिन्न मुद्दों के समाधान पर चर्चा की जा रही है। बातचीत के बाद छात्रों ने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भूख हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया, लेकिन आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।

सकारात्मक रुख का कलेक्टर ने दिया भरोसा

कलेक्टर आयुष प्रसाद के अनुसार, छात्रों की ओर से उठाए गए कई मुद्दों पर पहले ही निर्णय लिए जा चुके हैं। सरकार इन समस्याओं के समाधान को लेकर सकारात्मक रुख अपना रही है और शेष मांगों पर भी प्रभावी तरीके से काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की ओर से भी छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आश्वासन दिए जाने की जानकारी कलेक्टर ने दी। प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य ऐसा समाधान निकालना है, जिससे छात्रों को अपनी पढ़ाई छोड़कर आंदोलन करने की जरूरत न पड़े।

कलेक्टर ने कहा कि स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। भूख हड़ताल समाप्त होने के बावजूद धरना जारी रहने से साफ है कि छात्रों और प्रशासन के बीच मांगों को लेकर अभी और बातचीत की आवश्यकता है। प्रशासन ने सभी मुद्दों पर चर्चा और समाधान की प्रक्रिया आगे भी जारी रखने की बात कही है।

स्कूलों की बदहाली से बीमा और मुआवजे तक

आदिवासी छात्रों का आंदोलन केवल एक मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि आश्रम स्कूलों की स्थिति, छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई सवालों को लेकर है। प्रदर्शनकारियों ने आश्रम स्कूलों में छात्रों की मौत के मामलों में मुआवजा, जिम्मेदार अधिकारियों के निलंबन और संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई है।

इसके अलावा छात्रों को ताजा भोजन उपलब्ध कराने, दान वसूली बंद करने, खेल अकादमी में कथित भ्रष्टाचार की जांच और 10 लाख रुपये का बीमा कवर देने जैसी मांगें भी शामिल हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की और स्वास्थ्य को देखते हुए भूख हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया था।

उन्होंने छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं, भोजन और शिक्षा में असमानता को अस्वीकार्य बताया। आंदोलन को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे का भी समर्थन मिला है। अब छात्रों ने अनशन खत्म कर दिया है, लेकिन मांगों के समाधान तक धरना जारी रखने का फैसला किया है।

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