खुले तेल की खुदरा बिक्री (सोर्स: AI)
नासिक

ऑफिस में बैठकर नहीं, बाजार में उतरकर फैसला लें, खुले तेल पर FDA की बैन से नासिक के व्यापारी नाराज

Traders Oppose FDA Ban: नासिक में खुले तेल की खुदरा बिक्री पर FDA की रोक के खिलाफ व्यापारियों ने विरोध जताया। उन्होंने मिलावटखोरों पर कार्रवाई की मांग करते हुए प्रतिबंध वापस लेने की अपील की।

आलोक उमाकृष्ण

Nashik Traders Oppose FDA Ban: अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा खुले तेल की खुदरा बिक्री पर लगाई गई व्यापक रोक को तत्काल वापस लेने की मांग खुदरा विक्रेताओं ने की है। व्यापारियों का कहना है कि एफडीए अधिकारियों को कार्यालय में बैठकर निर्णय लेने के बजाय प्रत्यक्ष रूप से बाजार में उतरकर स्थिति का जायजा लेना चाहिए।

मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, लेकिन कार्यालय से बाहर निकलने में असमर्थता के कारण सीधे खुदरा तेल बिक्री पर प्रतिबंध लगाना पूरी तरह गलत है।

व्यापारियों ने आरोप लगाया कि इस निर्णय को लागू करते समय गरीबों और रोजाना मजदूरी करने वाले श्रमिकों की जरूरतों पर बिल्कुल विचार नहीं किया गया।

विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि रोजाना 400 रुपये कमाने वाला मजदूर 200 रुपये की एक किलो तेल की थैली खरीदता है, तो बचे हुए 200 रुपये में उसे सब्जी, नमक, मिर्च, दाल और चावल जैसी जरूरी वस्तुएं कैसे खरीदनी होंगी।

ऐसे में गरीब परिवारों का गुजारा कैसे चलेगा, यह प्रशासन को सोचना चाहिए। व्यापारियों ने एफडीए प्रशासन से कार्यालय में बैठकर निर्णय लेने की आदत छोड़ने और आम जनता की वास्तविक जरूरतों को समझने की अपील की। उनका कहना है कि खुदरा दुकानों की नियमित जांच की जानी चाहिए।

यदि किसी दुकान पर तेल में मिलावट या अन्य नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाए। हालांकि, सभी खुदरा विक्रेताओं पर एक साथ रोक लगाना उचित नहीं है।

व्यापारियों का क्या हैं कहना?

नासिक के व्यापारियों के अनुसार, खुले तेल की बिक्री पर रोक के कारण दुकानदारों और ग्राहकों के बीच रोजाना तीखे विवाद हो रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इन विवादों के दौरान यदि किसी विक्रेता पर हमला होता है या किसी व्यक्ति को गंभीर चोट पहुंचती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।

इस सवाल के साथ व्यापारियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और प्रतिबंध तत्काल हटाने की मांग दोहराई।

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