Nashik TCS Case (सोर्स: सोशल मीडिया) 
नासिक

TCS नासिक का शर्मनाक सच, बुर्का न पहनने पर दी रेप की दलील, 5 सहकर्मियों पर FIR

Nashik TCS Case Update: नासिक TCS की महिला कर्मचारी ने 5 सहकर्मियों पर यौन उत्पीड़न और धार्मिक अपमान का आरोप लगाया है। मुख्य आरोपी आसिफ अंसारी पर रेप को लेकर विवादित टिप्पणी का खुलासा।

गोरक्ष पोफली

Nashik TCS Case: पीड़िता के अनुसार, जून 2025 में टीसीएस (TCS) में बतौर एसोसिएट नियुक्त होने के बाद से ही उसका उत्पीड़न शुरू हो गया था। मार्च 2026 तक चले इस 9 महीने के लंबे अंतराल में पांच सहकर्मियों रजा मेमन, शाहरुख कुरेशी, तौसीफ अत्तार, शफी शेख और आसिफ अंसारी ने मिलकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। पीड़िता ने बताया कि चूंकि उसके पति शहर से बाहर रहते थे, इसलिए आरोपियों ने उसे अकेला पाकर लगातार पीछा किया, अश्लील फब्तियां कसीं और अनुचित तरीके से स्पर्श किया।

बुर्का नहीं पहना, इसलिए रेप

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला और गंभीर आरोप आसिफ अंसारी पर लगा है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि अंसारी न केवल शारीरिक रूप से करीब आने की कोशिश करता था, बल्कि वह उसकी धार्मिक मान्यताओं पर भी हमला करता था। अंसारी ने कथित तौर पर पीड़िता से कहा कि "तुम्हारे धर्म में महिलाओं के साथ रेप होता है क्योंकि वे बुर्का नहीं पहनतीं।" इसके साथ ही उसने हिंदू देवी-देवताओं के बारे में भी अत्यंत अपमानजनक और आपत्तिजनक बातें कहीं, जो सीधे तौर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का मामला है।

टीम लीडर और ट्रेनर की घिनौनी भूमिका

शिकायत के मुताबिक, टीम लीडर रजा मेमन पीड़िता को सार्वजनिक रूप से 'प्लेयर' कहकर बुलाता था और उसकी निजी जिंदगी पर भद्दे सवाल करता था। आरोप है कि गुड़ी पड़वा जैसे त्योहार के दिन उसने पीड़िता की साड़ी का पल्लू पकड़कर उसके साथ बदतमीजी की। वहीं, TCS में ट्रेनर शाहरुख कुरेशी और सहकर्मी तौसीफ अत्तार भी इस उत्पीड़न में शामिल थे। तौसीफ पर आरोप है कि वह काम सिखाने के बहाने पीड़िता को गलत तरीके से छूता था और विरोध करने पर करियर खराब करने या पदोन्नति रोकने की धमकी देता था।

डर और चुप्पी का फायदा

पीड़िता ने अपने बयान में स्वीकार किया कि नई नौकरी होने और करियर बर्बाद होने के डर से वह काफी समय तक चुप रही। आरोपियों ने उसकी इसी मजबूरी का फायदा उठाया और उनका दुस्साहस बढ़ता गया। फिलहाल, नासिक पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न, पीछा करना (Stalking), अश्लील व्यवहार और धार्मिक भावनाएं भड़काने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस घटना ने कॉर्पोरेट जगत में महिलाओं की सुरक्षा और 'इंटरनल कंप्लेंट कमेटी' (ICC) की प्रभावशीलता पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में क्यों हो रहा है प्रदर्शन? समर्थन में पहुंचे इमरान मसूद को पुलिस ने किया डिटेन

MLC Election 2026: चार राज्यों की 28 सीटों पर मतदान खत्म, कब आएंगे नतीजे?

नेहा बोरा की याचिका दिल्ली हाई कोर्ट ने की खारिज, भरना पड़ेगा पीस बॉन्ड

बिहार के सीवान में पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट, आठ लोगों की मौत; कई घायल

LAC पर भारत-चीन के बीच क्या बातचीत चल रही है? विदेश मंत्रालय के बयान का पूरा मतलब समझिए