निदा खान और मतीन पटेल (सौ. X ) 
नासिक

Nashik TCS Case: निदा खान मामले में मतीन पटेल की बढ़ी मुश्किलें, घर पर चलेगा प्रशासन का हथौड़ा

Nashik TCS Case: नासिक के चर्चित धर्मांतरण मामले में पुलिस जांच के साथ प्रशासनिक कार्रवाई भी तेज हो गई है।निदा खान से जुड़े मकान और मतीन पटेल के कार्यालय को अवैध निर्माण बताते हुए नोटिस जारी किया गया।

अपूर्वा नायक

Nashik TCS Case Illegal Property Action: नासिक के चर्चित धर्मातरण मामले में अब पुलिस जांच के साथ प्रशासनिक कार्रवाई भी तेज हो गई है। मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम ने उस मकान को अवैध घोषित कर दिया है, जहां वह कथित तौर पर छिपी हुई थी।

जांच में सामने आया है कि इस मकान को मतीन पटेल नाम के व्यक्ति ने निदा को किराए पर दिलाया था। अब मकान को अवैध निर्माण बताते हुए तीन दिन में तोड़ने का नोटिस जारी कर दिया है। यह पूरा मामला तब और गरमा गया जब जांच में पार्षद मतीन पटेल का नाम सामने आया।

मतीन पटेल का था मकान

शुरुआत में चर्चा थी कि नाहरेगांव इलाके में स्थित यह मकान मतीन पटेल का है, लेकिन बाद में जांच में पता चला कि मकान के मालिक हनीफ खान और सैयद सरवर हैं। दोनों ने यह मकान करीब 23 लाख रुपये में खरीदा था।

पटेल का ऑफिस भी अवैध

नगर निगम ने मतीन पटेल के ऑफिस को भी अवैध निर्माण मानते हुए नोटिस चिपका दिया है। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। निदा खान मामले में मतीन पटेल को भी सह-आरोपी बनाया गया है। यह पूरा मामला कथित धर्मांतरण और धोखाधड़ी से जुड़ा है।

पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी दानिश ने अपनी पहचान छिपाकर एक युवती से दोस्ती की थी। बाद में पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है। शिकायतकर्ता महिला के अनुसार, इसी दौरान उसे धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला जाने लगा।

ECI-SIR Row : मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला; आज क्या-क्या हुआ?

SIR Row: इधर विपक्ष मांग रहा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, उधर BJP ने बताया पद्म भूषण का हकदार

PM मोदी की मॉर्फ्ड फोटो विवाद पर हाई कोर्ट का एक्शन, Meta से आपत्तिजनक कंटेंट हटाने को कहा; CJP को भी नोटिस

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, SIR के फैसलों को गैरकानूनी घोषित करने की मांग

बृजभूषण केस में नया मोड़! पहलवानों ने फिर खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, निचली अदालत के फैसले को चुनौती