नासिक सिंहस्थ कुंभ मेला  सोर्स- सोशल मीडिया
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नासिक सिंहस्थ कुंभ: 31 अक्टूबर को ध्वजारोहण, 3 अमृत स्नान में उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

Nashik Kumbh Mela: कुंभ मेले की शुरुआत 31 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और सीएम देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में ध्वजारोहण के साथ होगी। 21 महीने तक चलने वाले मेले की पूरी जानकारी पढ़ें।

रूपम सिंह

Highlights

  • नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले का शुभारंभ 31 अक्टूबर 2026 को ध्वजारोहण के साथ होगा।

  • रामकुंड पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और त्र्यंबकेश्वर में सीएम देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में ध्वजारोहण होगा।

  • 21 महीने तक चलने वाले कुंभ मेले में अगस्त-सितंबर 2027 में तीन अमृत स्नान होंगे।

Nashik Singhasth Kumbh Mela: नासिक के सिंहस्थ कुंभ मेले का शुभारंभ आगामी 31 अक्टूबर से होगा। ध्वजारोहण की विधि पूरी होने के बाद कुंभ मेले की औपचारिक शुरुआत होगी। नासिक के रामकुंड घाट और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त कुंड के पास दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर एक साथ ध्वजारोहण किया जाएगा। इस बार कुंभ मेला 21 महीने तक चलेगा।

इसकी शुरुआत 31 अक्टूबर 2026 को होगी, जबकि समापन 24 जुलाई 2028 को होगा। इस दौरान तीन अमृत स्नान सहित विभिन्न शुभ मुहूतों पर करोड़ों श्रद्धालु गोदावरी नदी में आस्था की डुबकी लगाएंगे, नासिक सिंहस्थ पर्व को लेकर साधु-संतों और श्रद्धालुओं में उत्साह है।

31 अक्टूबर को रामकुंड पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों ध्वजारोहण होगा, जबकि त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में केंद्र और राज्य सरकार के प्रमुख नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

सनातन धर्म में कुंभ मेले को सबसे बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। नासिक का सिंहस्थ कुंभ देश के अन्य कुंभ मेलों से अलग है क्योंकि यहां नासिक के रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ पर अलग-अलग संप्रदायों के साधु-संत अमृत स्नान करते हैं।

सिंहस्थ कुंभ का कार्यक्रम

  • ध्वजारोहणः 31 अक्टूबर 2026

  • नगर प्रदक्षिणा: 29 जुलाई 2027

  • पहला अमृत स्नानः 2 अगस्त 2027

  • दूसरा अमृत स्नानः 31 अगस्त 2027

  • तीसरा अमृत स्नान (नासिक): 11 सितंबर

  • तीसरा अमृत स्नान (त्र्यंबकेश्वर): 12 सितंबर

  • समापन समारोह: 24 जुलाई 2028

अमृत स्नान की परंपरा

नासिक के रामकुंड घाट पर वैष्णव संप्रदाय के तीन अखाड़ों के साधु-संत अमृत स्नान करते हैं। इनमें श्री दिगंबर अनी, श्री निर्वाणी अनी और श्री निर्मोही अनी अखाड़े शामिल है। त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त कुंड में शैव संप्रदाय के सात अखाड़े-जूना, निरंजनी, महानिर्वाणी, आवाहन, अटल, आनंद और अग्नि अमृत स्नान करते है। उदासीन और निर्मल संप्रदाय के तीन अखाड़े-बड़ा उदासीन, नया उदासीन और निर्मल अखाड़ा-भी यहां स्नान करते हैं।

देश में चार स्थानों पर कुंभमेले का आयोजन होता है। नासिक शहर का सिंहस्थ कुंभ अपनी विशेष परंपरा के लिए जाना जाता है। पंचवटी स्थित रामकुंड में वैष्णव अखाड़ों के साधु-संत अमृत स्नान करते हैं। वहीं त्र्यंबकेश्वर में गोदावरी के उद्गम स्थले के निकट स्थित कुशावर्त कुंड में शैव अखाड़ों के साधु-संत स्नान करते हैं।

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