अनिल परब (सोर्स: सोशल मीडिया) 
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नासिक कुंभ मेला टेंडर में 2,270 करोड़ का महाघोटाला? अनिल परब के आरोपों से मचा हड़कंप, जानें पूरा मामला

Nashik Kumbh Tender Scam: नासिक कुंभ मेले के 2,270 करोड़ के टेंडर में बड़े घोटाले का आरोप लगा है। शिवसेना (UBT) विधायक अनिल परब ने अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत का दावा किया है।

आकाश मसने

Nashik Simhastha Kumbh Tender Scam: महाराष्ट्र के नासिक में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के भव्य आयोजन से पहले ही विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। विधान परिषद में शिवसेना (यूबीटी) के विधायक अनिल परब ने लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा जारी 2,270 करोड़ रुपये की निविदा प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी और ठेकेदारों की मिलीभगत का दावा किया है।

क्या है निविदा घोटाला?

शिवसेना (यूबीटी) के विधान परिषद सदस्य (MLC) अनिल परब ने सदन में PWD द्वारा जारी 2,270 करोड़ रुपये की निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। परब का आरोप है कि मुख्य अभियंता प्रशांत अवटी और ठेकेदार विलास बिरारी ने मिलकर 16 कंपनियों का एक नेटवर्क तैयार किया और पूरी टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया।

अनिल परब ने 2018 के शासन निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि पात्र ठेकेदारों को जानबूझकर दूसरी निविदाओं में अपात्र घोषित किया गया, ताकि कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया जा सके। आरोप है कि जिन सड़कों का निर्माण कार्य अभी चल रहा है, उनमें पूरा होने से पहले ही दरारें दिखाई देने लगी हैं, जो कार्य की गुणवत्ता पर बड़ा सवालिया निशान है।

ईश्वर के नाम पर भी भ्रष्टाचार

शिवसेना (यूबीटी) MLC अनिल परब ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नासिक सिंहस्थ कुंभ मेला एक धार्मिक और पवित्र आयोजन है, लेकिन इसके लिए आवंटित फंड में भी हेराफेरी की जा रही है। उन्होंने इसे 'भगवान के नाम पर भ्रष्टाचार' करार देते हुए सार्वजनिक निर्माण मंत्री से इस मामले की एसआईटी से गहन जांच कराने और दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है।

निविदा विवाद का पूरा गणित

  • कुल निविदा राशिः लगभग 2,270 करोड़ रुपये
  • मुख्य आरोपी: मुख्य अभियंता प्रशांत अवटी और ठेकेदार विलास बिरारी।
  • अनियमितता का तरीका: 16 कंपनियों की 'रिंग' बनाना और पात्र ठेकेदारों को अपात्र घोषित करना।

कथित ऑडियो क्लिप ने पहले ही बढ़ाई थी हलचल

इस मामले से पहले मंत्रालय के कक्ष अधिकारी विलास लाड की एक कथित ऑडियो क्लिप ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी थी। रिश्वत मामले में गिरफ्तार लाड की उस क्लिप में दावा किया गया था कि कुंभ मेले के 1,021 प्रकार के विकास कार्यों की निविदाओं को 'मैनेज' करके करोड़ों का कमीशन हासिल करने की योजना थी। हालांकि, उस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि और जांच अभी भी लंबित है, जिसने पूरे टेंडर विवाद को और अधिक संदिग्ध बना दिया है।

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