Nashik Simhastha Kumbh 2027: सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के मद्देनजर नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में सड़क बुनियादी ढांचे के विकास को बड़ी गति मिली है। विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से कुल 1435.81 किलोमीटर लंबी सड़कों के कार्य हाथ में लिए गए हैं। कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं और वाहनों की भारी भीड़ को संभालने के साथ ही आने वाले वर्षों की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस सड़क नेटवर्क का निर्माण किया जा रहा है।
इस महत्वाकांक्षी सड़क विकास योजना में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, NH-PWD,नासिक महानगरपालिका, त्र्यंबकेश्वर नगरपालिका और नासिक रिंग रोड शामिल हैं। राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से 316.166 किलोमीटर, PWD की ओर से 732.89 किलोमीटर, NH-PWD की ओर से 175.554 किलोमीटर, नासिक मनपा की ओर से 128 किलोमीटर और त्र्यंबकेश्वर नगरपालिका की ओर से 17.60 किलोमीटर सड़कों के कार्य प्रस्तावित हैं। इसके अलावा 65.60 किलोमीटर लंबा नासिक रिंग रोड इस पूरे यातायात मास्टर प्लान का प्रमुख हिस्सा होगा।
सिंहस्थ के लिए विकसित की जा रही सड़कों की खासियत यह है कि सड़क निर्माण के साथ ही भविष्य की बुनियादी सुविधाओं की भी योजना बनाई गई है। सड़क कॉरिडोर में जलापूर्ति, सीवरेज, बारिश के पानी की निकासी, बिजली, ऑप्टिकल फाइबर केबल और एमएनजीएल गैस पाइपलाइन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इससे कुंभ के लिए किया जा रहा सड़क विकास केवल यातायात तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहर के दीर्घकालीन बुनियादी विकास का आधार बनेगा। नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने कहा कि सिंहस्थ की तैयारी केवल 2027 के कुंभ मेले तक सीमित रखने का उद्देश्य नहीं है। कुंभ के अवसर पर विकसित किया जा रहा यातायात नेटवर्क नासिक और त्र्यंबकेश्वर की आने वाले कई वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। नागरिकों, श्रद्धालुओं, पर्यटकों के साथ ही उद्योग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को दीर्घकालीन लाभ मिले, इसी दृष्टिकोण से इन बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
नासिक की यातायात व्यवस्था में 65.60 किलोमीटर लंबा रिंग रोड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे शहर के मध्यवर्ती हिस्सों पर यातायात का दबाव कम करने और बाहरी यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही शहर के आंतरिक और बाहरी मार्गों, तीर्थस्थलों की ओर जाने वाली सड़कों, घाट क्षेत्रों, नासिक रोड रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इस सड़क नेटवर्क से भविष्य में पर्यटन, माल परिवहन, औद्योगिक यातायात और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और बड़ी संख्या में वाहनों के नासिक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रमुख मार्गों के साथ शहर की आंतरिक सड़कें, अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी और तीर्थस्थलों को जोड़ने वाले मार्गों का भी विकास किया जा रहा है। घाट, तीर्थस्थलों, रेलवे स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की कनेक्टिविटी बेहतर करने के साथ ही दिशादर्शक संकेतक, सड़कों का सौंदर्यीकरण, थीमैटिक गेटवे और सार्वजनिक स्थानों में सुधार की भी योजना है। इससे कुंभ मेले के दौरान यातायात व्यवस्था अधिक सुचारु होने के साथ ही नागरिकों के दैनिक आवागमन को भी राहत मिलेगी।
संबंधित सड़क बुनियादी सुविधाओं के कार्य मार्च 2027 तक पूरा करने की योजना है। सिंहस्थ शुरू होने से पहले यातायात व्यवस्था को पूरी तरह कार्यान्वित करने का प्रशासन का प्रयास है। कुंभ मेले के बाद भी इस सड़क नेटवर्क से नासिक और त्र्यंबकेश्वर के विकास को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। यातायात जाम में कमी, यात्रा समय में बचत, पर्यटन और उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को बढ़ावा तथा सुरक्षित और सक्षम यातायात व्यवस्था इसके प्रमुख दीर्घकालीन परिणाम होंगे। इसलिए सिंहस्थ के लिए तैयार किए जा रहे ये मार्ग केवल श्रद्धालुओं को कुंभ मेले तक पहुंचाने वाले रास्ते नहीं होंगे, बल्कि कुंभ के बाद भी नासिक के विकास की रफ्तार को आगे बढ़ाने वाले स्थायी बुनियादी ढांचे के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
1,435.81 किमी-नासिक-त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में सड़क बुनियादी सुविधाओं का कुल नेटवर्क
65.60 किमी - नासिक रिंग रोड
एजेंसीवार सड़कें :
NHAI-316.166 किमी
PWD-732.89 किमी
NH-PWD-175.554 किमी
NMC-128 किमी
TMC-17.60 किमी
रिंग रोड - 65.60 किमी
जलापूर्ति, सीवरेज, बारिश के पानी की निकासी, बिजली, ऑप्टिकल फाइबर और गैस पाइपलाइन।
कम यातायात जाम, बेहतर कनेक्टिविटी, पर्यटन को बढ़ावा, लॉजिस्टिक्स और उद्योगों को लाभ तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था।