Nashik Simhastha Kumbh Smart Security: उद्योग, पर्यटन, धार्मिक महत्व और तेजी से बढ़ती आबादी के कारण नासिक का दायरा दिन-ब-दिन विस्तार ले रहा है। ऐसे में नागरिकों की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और बड़े आयोजनों का सुचारू संचालन प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के अवसर पर नासिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में लगभग 4000 एकआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरों का एक डिजिटल सुरक्षा नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। यह पहल न केवल एक धार्मिक आयोजन की तैयारी है, बल्कि भविष्य के स्मार्ट और सुरक्षित नासिक की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
सड़क दुर्घटना, चोरी या ट्रैफिक जाम की स्थिति में सटीक जानकारी पुलिस तक पहुंचाने और त्वरित रिस्पांस टाइम सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था मील का पत्थर साबित होगी। वर्तमान में नासिक स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में 1132 से अधिक कैमरे कार्यरत हैं। अब सिंहस्थ के मद्देनजर इस व्यवस्था का व्यापक विस्तार किया जा रहा है।
लगभग 300 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाले इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट में एआई तकनीकों जैसे एएनपीआर, क्राउड एनालिटिक्स और ऑटोमेटेड अलर्ट का उपयोग किया जाएगा। इससे भीड़ का विश्लेषण, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, वाहनों का नंबर ट्रैक करना और खोए हुए व्यक्तियों की तलाश करना संभव हो सकेगा। ये कैमरे गंगापुर रोड, त्र्यंबक रोड, मुंबई नाका, द्वारका, पंचवटी, प्रमुख घाटों, रेलवे स्टेशनों और संवेदनशील चौराहों पर लगाए जाएंगे।
एस. आर. कंस्ट्रक्शंस एवं पूर्व अध्यक्ष नरेडको नासिक के निदेशक सुनील गवादे ने कहा कि इस परियोजना से महिला सुरक्षा, वरिष्ठ नागरिकों का भरोसा और लाखों श्रद्धालुओं का सुरक्षित प्रबंधन सुनिश्चित होगा। हालांकि, कैमरों के सुचारू संचालन के लिए नियमित रखरखाव, निर्बाध बिजली आपूर्ति, मजबूत नेटवर्क, डेटा सुरक्षा और नागरिकों की गोपनीयता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, पुलिस बल का प्रशिक्षण और कंट्रोल रूम की दक्षता पर भी ध्यान देना होगा।
प्रस्तावित कैमरे: लगभग 4000 (एआई-सक्षम)
विद्यमान स्मार्ट सिटी कैमरे: 1132
कवरेज क्षेत्र: नासिक, त्र्यंबकेश्वर एवं ग्रामीण क्षेत्र
अनुमानित लागत: 300 करोड़
मुख्य उद्देश्य: सिंहस्थ सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, अपराध रोकथाम और त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया