Nashik Municipal Road Repair Issue: नासिक शहर की सड़कों की वर्तमान स्थिति को देखते हुए आगामी मानसून नासिककरों के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं होने वाला है। शिवसेना नेता अजय बोरस्ते ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि समन्वय के अभाव और अधूरी तैयारियों के कारण शहर की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।
बोरस्ते ने मनपा के कामकाज और विभिन्न विभागों के बीच की खींचतान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सड़कों की मरम्मत को लेकर बार-बार बैठके और विशेष सभाएं बुलाई गई, लेकिन धरातल पर सुधार नजर नहीं आ रहा है।
विभागों के बीच तालमेल न होने से जनता को धूल, ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। अमृत योजना और जलापूर्ति के कामों के लिए सड़कों को बार-बार खोदा जा रहा है।
एक विभाग काम पूरा करता है, तो दूसरा विभाग फिर से खुदाई शुरू कर देता है, जिससे सड़कों की बनावट पूरी तरह नष्ट हो गई है। प्रशासन ने गड्ढे भरने के लिए जो डेडलाइन तय की है, बोरस्ते के अनुसार उस अवधि में शहर की सभी मुख्य और आंतरिक सड़कों को दुरुस्त करना
आगामी कुभ मेले की तैयारियों को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की। बोरस्ते ने कहा कि पिछली बार बिना किसी स्वतंत्र प्राधिकरण के मनपा ने समय पर काम पूरे किए थे। अब स्वतंत्र प्राधिकरण होने के बावजूद जिम्मेदारियों को लेकर भ्रम की स्थिति है।
यह भी पढ़ें:-गैस संकट के बीच नासिक का फैसला: स्कूलों के मिड-डे मील पर नहीं पड़ेगा असर, 1.15 लाख छात्रों को राहत
शहर के कई विकास कार्य अन्य एजेंसियों और पौडब्ल्यूडी के माध्यम से कराए जा रहे हैं, जिससे महानगरपालिका की स्वायत्तता प्रभावित हो रही है और जवाबदेही तय नहीं हो पा रहीं है।
स्मार्ट सिटी और एमजीएनएल जैसी एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी मनपा पर डाल रही हैं, जिससे नागरिकों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
मुख्य मुद्दाः सड़कों पर गड्ढे और मानसून से पहले की अधूरी तैयारी।