Highlights:
नासिक-पुणे राजमार्ग पर शनिवार को हुए दो अलग-अलग हादसों में छह लोगों की जान चली गई।
सिन्नर के पास मालवाड़ी लोहे के पुल के समीप हुए हादसे में दो बाइक सवारों की इलाज के दौरान मौत हो गई।
राजमार्ग पर हुए दूसरे हादसे में चार प्रवासी मजदूरों की मौत हुई।
Nashik Pune Highway Accident: नासिक-पुणे राजमार्ग पर भीषण हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को एक ही दिन में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। राजमार्ग पर चल रहे कंक्रीटीकरण के कार्य और अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के कारण यातायात सुरक्षा का मुद्दा बेहद गंभीर बन गया है। पहली दुर्घटना शनिवार रात करीब 9 बजे सिन्नर के पास मालवाड़ी लोहे के पुल के समीप घटी।
सिन्नर से दोडी की ओर जा रही एक इको कार (MH 15 HY 6616) के चालक ने नियंत्रण खो दिया और कार सामने से आ रही बाइक (MH 15 ED 3913) से टकरा गई। आमने-सामने की इस टक्कर में गंभीर रूप से घायल दोनों बाइक सवारों-महेश अशोक रूपवते (31, निवासी उपनगर, नासिक) और रूपेश रामानंद मंडल (43, निवासी मधुबनी, बिहार) की इलाज के दौरान मौत हो गई। वावी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
वहीं, दूसरी दुर्घटना शनिवार तड़के घटी, जब इसी राजमार्ग पर एक पिकअप वाहन पलटने से चार प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। एक ही दिन में 6 लोगों की जान जाने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। राजमार्ग पर जारी कंक्रीटीकरण के कारण जगह-जगह वन-वे यातायात किया गया है, लेकिन उचित संकेतकों व सुरक्षा उपायों के अभाव में रात के समय चालकों को सड़क का अंदाजा नहीं मिल पा रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
बता दें कि नासिक में आगामी कुंभ मेले की तैयारियों के तहत विभिन्न सड़कों और राजमार्गों पर चल रहे रोड डेवलपमेंट एवं कंक्रीटीकरण कार्यों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
निर्माण कार्यों के दौरान कई स्थानों पर वन-वे यातायात, अपर्याप्त दिशासूचक संकेतक, बैरिकेडिंग की कमी और रात के समय स्पष्ट मार्गदर्शन न मिलने जैसी समस्याएं वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ा सकती हैं। नासिक-पुणे राजमार्ग पर एक ही दिन में हुए दो हादसों में छह लोगों की मौत के बाद सड़क निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।
इन परिस्थितियों में नागरिकों और वाहन चालकों के बीच नाराजगी बढ़ रही है तथा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित यातायात, पर्याप्त चेतावनी संकेतक, उचित प्रकाश व्यवस्था और निर्माण कार्यों की बेहतर निगरानी की मांग को लेकर आंदोलन की जरूरत महसूस की जा रही है। कुंभ मेले के लिए बुनियादी ढांचे का विकास जरूरी है, लेकिन विकास कार्यों के साथ नागरिकों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।