अक्टूबर का आधा महीना बीतने के बाद भी नासिक में गर्मी और उमस का प्रकोप जारी
पंखे, कूलर और एसी के लगातार इस्तेमाल से शहर में बिजली की मांग बढ़ी।
बिजली गुल होने से हाउसिंग सोसायटियों में पानी की टंकियां भरने और सुबह की दिनचर्या पर असर।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से दुकानदारों के डिजिटल पेमेंट, इंटरनेट और कारोबार प्रभावित।
महावितरण के सामने त्योहारी सीजन में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने की चुनौती।
Nashik Power Demand Electricity Outage MSEDCL: अक्टूबर महीने का आधा से अधिक समय बीत जाने के बावजूद नासिक शहर में गर्मी और उमस का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। चिलचिलाती धूप और उमस भरे मौसम ने नागरिकों की परेशानी बढ़ा दी है। इसका सीधा असर शहर की बिजली की मांग पर पड़ रहा है।
घरों में पंखे, कूलर और एसी लगातार चलने से बिजली की खपत बढ़ गई है। दूसरी ओर, शहर के विभिन्न हिस्सों में बार-बार बिजली गुल होने और नियोजित कटौती के कारण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिवाली और त्योहारी सीजन नजदीक आने के साथ ही निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना महावितरण के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
नासिक शहर के घनी आबादी वाले कई इलाकों में बिजली की बार-बार आवाजाही ने लोगों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। म्हसरूल, गंगापुर रोड, महात्मा नगर, सावरकर नगर, डीजीपी नगर, अशोक मार्ग, वडाला रोड, अंबड, सिडको और नासिक रोड जैसे क्षेत्रों में बिजली कटौती और बार-बार फॉल्ट आने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसके कारण घरेलू कामकाज से लेकर व्यावसायिक गतिविधियों तक पर असर पड़ रहा है।
गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ने से आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। ऐसे में बिजली बाधित होने पर नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
बिजली कटौती का असर केवल रोशनी और पंखों तक सीमित नहीं है। शहर की अनेक हाउसिंग सोसायटियों, अपार्टमेंटों और स्वतंत्र घरों में भूमिगत टंकियों से पानी ऊपर की टंकियों तक पहुंचाने के लिए इलेक्ट्रिक पंपों का इस्तेमाल किया जाता है। बिजली गुल होने पर पानी की टंकियां नहीं भर पातीं।
विशेष रूप से सुबह के समय बिजली कटौती होने पर लोगों को अधिक परेशानी होती है। इस दौरान नागरिकों को कार्यालय जाने, व्यवसाय शुरू करने और बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी करनी होती है। पानी की आपूर्ति बाधित होने से सुबह की पूरी दिनचर्या प्रभावित हो जाती है।
वर्तमान समय में छोटे-बड़े कारोबार और कार्यालय काफी हद तक डिजिटल माध्यमों पर निर्भर हैं। इंटरनेट राउटर, कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर और सीसीटीवी कैमरों के संचालन के लिए बिजली जरूरी है। बिजली अचानक गुल होने से दुकानदारों और व्यापारियों के डिजिटल पेमेंट तथा ऑनलाइन लेन-देन प्रभावित होते हैं।
इससे ग्राहकों को इंतजार करना पड़ता है और कारोबार की रफ्तार धीमी हो जाती है। बार-बार बिजली जाने से कार्यालयों के कामकाज और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में भी बाधा उत्पन्न होती है।
दिवाली नजदीक आने के साथ ही शहर के प्रमुख बाजारों, दुकानों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सजावटी लाइटों और रोशनी का इस्तेमाल बढ़ने वाला है। शाम के समय बिजली की मांग में और वृद्धि होने की संभावना है। ऐसे में मौजूदा गर्मी और बढ़ती खपत के बीच बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना महावितरण के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।
नासिक महावितरण के कार्यकारी अभियंता जगदीश जाधव के अनुसार, गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ी है। इसे ध्यान में रखते हुए उपलब्ध बिजली का उचित नियोजन किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो और रखरखाव संबंधी कार्य जल्द से जल्द पूरे किए जाएं।
दिवाली के दौरान बिजली की मांग और बढ़ने की संभावना को देखते हुए शहरवासियों की नजर अब बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर है। नागरिकों को उम्मीद है कि त्योहार के दौरान बार-बार होने वाली कटौती से राहत मिलेगी और बिजली आपूर्ति सुचारु बनी रहेगी।