Nashik Rural Water Supply: नासिक जिले में संभावित जलसंकट की पृष्ठभूमि में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार ने ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के कामकाज तथा किल्लत की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि संकट के समय ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों और पशुधन के लिए पीने का पानी तथा चारा उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय और तत्परता के साथ कार्रवाई करें।
बैठक में जिले में वर्षा, बांधों में जल भंडारण और भूजल स्तर की समीक्षा की गई। हालांकि कुछ तहसीलों में वर्षा संतोषजनक रही है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अपेक्षा से कम बारिश होने के कारण जलसंकट की संभावना को देखते हुए अग्रिम उपाय योजनाएं बनाने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार टैंकरों से जलापूर्ति जारी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जल संकट कार्य योजना (डिफिसिट एक्शन प्लान) की समीक्षा करते हुए पिछले वर्ष के अनुभवों के आधार पर इस वर्ष अधिक सटीक योजना बनाने के निर्देश दिए गए। पवार ने स्पष्ट किया कि संकट के समय कम समय में प्रभावी कदम उठाए जा सकें, इसके लिए तहसील स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था को पूर्व तैयारी पूरी रखनी चाहिए।
जल जीवन मिशन के तहत चल रही नल जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति का भी जायजा लिया गया। संबंधित तंत्र को लंबित योजनाओं को निर्धारित समयावधि में पूरा कर लाभार्थियों तक पानी पहुंचाने के लिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
जिन तहसीलों में कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी है, वहां विशेष ध्यान देने को कहा गया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए कि संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों में पशुधन के लिए चारा और पीने के पानी की उपलब्धता जांच कर उसका उचित नियोजन किया जाए।
तहसीलवार पशुओं की स्थिति, चारे की मांग और उपलब्ध स्टॉक की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार चारा वितरण की पूर्व तैयारी रखें। साथ ही टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और दवाओं का स्टॉक समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। जानवरों के लिए पानी की व्यवस्था करते समय ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा गया।
इस अवसर पर बताया गया कि जिला परिषद प्रशासन जल संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक सभी सावधानियां बरती जाएंगी। बैठक में पशुपालन विभाग के उपायुक्त डॉ. सदाशिव बेडक्याले, जिला पशुपालन अधिकारी डॉ. संजय शिंदे, ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता रवींद्र महाजन, उप अभियंता प्रतीक्षा नेरकर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।