Nashik Police Commissioner Sandeep Karnik (सोर्सः सोशल मीडिया) 
नासिक

समय पर चार्जशीट दाखिल न करने वाले पुलिसकर्मियों पर जुर्माना, नासिक पुलिस आयुक्त की सख्ती

Nashik Police Action: नासिक पुलिस आयुक्तालय ने समय पर चार्जशीट दाखिल न करने वाले लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 40 से अधिक अधिकारियों पर जुर्माना लगाया है।

आंचल लोखंडे

Nashik News: अपराध की जांच समय सीमा में पूरी कर अदालत में समय पर दोषारोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल न करने वाले जांच अधिकारियों के खिलाफ नासिक पुलिस आयुक्तालय ने कड़ा रुख अपनाया है। ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर एक हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया जा रहा है, साथ ही उनके विरुद्ध ‘कसूरी रिपोर्ट’ (चूक रिपोर्ट) पेश करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

कानून एवं व्यवस्था विभाग के अपर पुलिस महानिदेशक ने हाल ही में सभी पुलिस इकाइयों में दर्ज मामलों, जांच की प्रगति और चार्जशीट की स्थिति की समीक्षा की थी। इस दौरान उन्होंने अपराध की प्रकृति के अनुसार 60 या 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर आरोप पत्र दाखिल करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे।

अपर पुलिस महानिदेशक के निर्देश

इन्हीं निर्देशों के अनुपालन में नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने सभी उपायुक्तों को अपने-अपने परिमंडलों में नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित समय सीमा से एक भी दिन की देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

40 से अधिक अधिकारियों पर कार्रवाई

आयुक्त के आदेशानुसार पुलिस उपायुक्त मोनिका राउत (परिमंडल-1) और पुलिस उपायुक्त किशोर काले (परिमंडल-2) ने संबंधित थानों का दौरा कर जांच अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा की। जांच में यह सामने आया कि कई अधिकारियों ने निर्धारित समय सीमा का उल्लंघन किया है।

इसके चलते संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 के नियम 25 तथा मुंबई पुलिस (सजा एवं अपील) नियम, 1956 के नियम 3 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। अब तक 40 से अधिक जांच अधिकारियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।

आरोप पत्र दाखिल करने की समय सीमा

  • गंभीर अपराध: यदि आरोपी हिरासत या जेल में है, तो 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करना अनिवार्य है।
  • सामान्य अपराध: अन्य मामलों में 60 दिनों की समय सीमा तय की गई है।
  • नई व्यवस्था: नए प्रावधानों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद पहले 60 से 90 दिनों के भीतर अदालत के आदेश से 15 दिनों की पुलिस हिरासत चरणबद्ध तरीके से दी जा सकती है।

बिहार छात्र आंदोलन में रौशन आनंद का बड़ा दावा, बोले- एकजुट हो जाओ, तभी खोलूंगा आयोग का ‘काला चिट्ठा’

ओडिशा के पास 24 क्रू मेंबर समेत समुद्र में डूबा जहाज, पारादीप बंदरगाह से 200 नॉटिकल मील दूर हादसा

इधर ब्रजेश पाठक प्रदर्शनकारियों से मिले, उधर अखिलेश यादव ने बताया आरक्षण खत्म करने की साजिश, मचा सियासी बवाल!

यह छात्रों की नहीं, पैसों की गूंज है! राहुल गांधी के कार्यक्रम पर BJP नेता का बड़ा दावा; फॉरेन फंडिंग का आरोप

बाबा रामदेव के आंदोलन पर बृजभूषण का बड़ा तंज, बोले- इस बार सलवार पहनकर मत भागना