प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (सोर्सः सोशल मीडिया)
नासिक

नासिक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 19,346 लाभार्थी पंजीकृत, पात्र महिलाओं से आवेदन की अपील

Nashik Malnutrition Campaign: नासिक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अब तक 19,346 लाभार्थियों का पंजीकरण हुआ है। पात्र गर्भवती महिलाओं से आंगनवाड़ी केंद्र पर पंजीकरण कराने की अपील की गई है।

आंचल लोखंडे

Matru Vandana Yojana Nashik: नासिक जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण अभियान को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने जिले की सभी पात्र गर्भवती महिलाओं से अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर नाम दर्ज कराने और केंद्र सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ उठाने की अपील की है। जिले में अब तक कुल 19,346 लाभार्थियों का पंजीकरण पूरा हो चुका है।

इनमें पहले बच्चे के लिए 14,552 तथा दूसरा बच्चा लड़की होने पर 4,794 लाभार्थी पंजीकृत हैं। केंद्र सरकार के निर्धारित मानदंडों के अनुसार, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए है। पहले बच्चे के जन्म पर पांच हजार रुपये का लाभ दो किस्तों में दिया जाता है।

जिले में 463 बच्चे गंभीर कुपोषित

वहीं, दूसरा बच्चा लड़की होने पर छह हजार रुपये की राशि एकमुश्त प्रदान की जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी की आयु 19 वर्ष से अधिक होना आवश्यक है। पंजीकरण के लिए एमसीपी कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेज आवश्यक हैं। जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने पात्र महिलाओं से बिना देरी किए नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर पहुंचकर पंजीकरण कराने का आह्वान किया है।

मातृ वंदना के साथ कुपोषण पर जोर

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत जिले में गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण अभियान को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने सभी पात्र गर्भवती महिलाओं से नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर पंजीकरण कराने और केंद्र सरकार की योजना का लाभ लेने की अपील की है। जिले में अब तक कुल 19,346 लाभार्थियों का पंजीकरण पूरा हो चुका है।

3209 मध्यम कुपोषित

इनमें पहले बच्चे के लिए 14,552 तथा दूसरा बच्चा लड़की होने पर 4,794 लाभार्थी शामिल हैं। योजना के तहत पहले बच्चे के लिए पांच हजार रुपये दो किस्तों में, जबकि दूसरा बच्चा लड़की होने पर छह हजार रुपये एकमुश्त दिए जाते हैं। लाभार्थी की आयु 19 वर्ष से अधिक होना आवश्यक है। पंजीकरण के लिए एमसीपी कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर जरूरी हैं।

इसी बीच जिलाधिकारी प्रसाद ने जिले में कुपोषण उन्मूलन अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने और कुपोषित बच्चों को तत्काल चिकित्सा तथा पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विभागीय आयुक्त डॉ। प्रवीण गेडाम के निर्देश पर जुलाई में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग और एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के तहत शून्य से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई।

कुपोषित बच्चों को तत्काल उपचार देने के निर्देश

जिले में जिला परिषद के अंतर्गत 26 परियोजनाएं संचालित हैं। इस आयु वर्ग के 3 लाख 23 हजार 377 बच्चों में से 3 लाख 12 हजार 238 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें 463 बच्चे गंभीर तीव्र कुपोषित (एसएएम) और 3,209 बच्चे मध्यम तीव्र कुपोषित (एमएएम) पाए गए। जिलाधिकारी ने कुपोषित बच्चों को आवश्यक चिकित्सा उपचार, सर्जरी और पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें सामान्य श्रेणी में लाया जा सके।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार के मार्गदर्शन में ‘पोषण दूत अभियान’ चलाया जा रहा है। पोषण पुनर्वास केंद्रों में उपचार के साथ आंगनवाड़ी स्तर पर ग्राम बाल विकास केंद्रों के माध्यम से बच्चों के आहार और स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारी ने आंगनवाड़ी सेविकाओं, पर्यवेक्षिकाओं और बाल विकास परियोजना अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के सहयोग से कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।

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