250 अतिरिक्त एसटी बसें: सप्तशृंगी गढ़ के लिए 9 से 26 अक्टूबर तक विशेष व्यवस्था।
शहर के मध्य से गुजरेंगी बसें: मेहर सिग्नल, अशोक स्तंभ, रविवार कारंजा और पंचवटी कारंजा प्रमुख मार्ग।
कालिका माता यात्रा से भीड़ बढ़ने की आशंका: त्योहारों के दौरान सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ सकता है।
निर्माण कार्य बने चुनौती: द्वारका अंडरपास और दिंडोरी रोड पर जारी कार्यों से रास्ते प्रभावित होने की संभावना।
बस स्टैंडों पर यात्रियों की परेशानी: मार्ग और बस रवाना होने के स्थान बदलने से भ्रम की स्थिति।
Nashik Navratri Traffic Jam: नवरात्रोत्सव के दौरान सप्तशृंगी गढ़ के लिए 9 से 26 अक्टूबर तक प्रतिदिन 250 अतिरिक्त एसटी बसें चलाई जाएंगी। कालिका माता यात्रा और जारी सड़क निर्माण कार्यों के बीच पुराने नासिक, पंचवटी और प्रमुख चौराहों पर यातायात जाम की आशंका है।
नासिक नवरात्रोत्सव के दौरान सप्तशृंगी गढ़ जाने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एसटी) की ओर से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है। 9 से 26 अक्टूबर तक नए सीबीएस यानी ठक्कर बाजार से प्रतिदिन 250 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। हालांकि, इन बसों की आवाजाही, कालिका माता यात्रा की भीड़ और शहर में जारी सड़क निर्माण कार्यों के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
महामार्ग पर दबाव कम करने के उद्देश्य से बसों के मार्ग शहर के मध्यवर्ती हिस्सों से निर्धारित किए गए हैं। इससे पहले से व्यस्त और संकरी सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ सकता है।
सप्तशृंगी गढ़ की ओर जाने वाली अतिरिक्त बसें मेहर सिग्नल, अशोक स्तंभ, रविवार कारंजा, पंचवटी कारंजा और दिंडोरी नाका होकर गुजरेंगी। वापसी में बसों के लिए शालीमार, खड़काली और त्र्यंबक नाका मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
इन रास्तों पर पहले से ही नियमित यातायात का दबाव रहता है। ऐसे में बसों की संख्या बढ़ने से पुराने नासिक, पंचवटी और प्रमुख चौराहों पर वाहनों की कतारें लगने की आशंका है। यातायात पुलिस के सामने त्योहारों की भीड़ के साथ सामान्य यातायात को सुचारु बनाए रखने की चुनौती होगी।
नवरात्रोत्सव के दौरान कालिका माता यात्रा में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसके साथ द्वारका अंडरपास, दिंडोरी रोड और सप्तशृंगी गढ़ की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर चल रहे निर्माण कार्यों से कई स्थानों पर सड़क की उपलब्ध जगह कम हो गई है।
इस स्थिति में वाहनों की गति धीमी होने और पुराने नासिक तथा पंचवटी क्षेत्र में लंबा जाम लगने की आशंका है। वैकल्पिक मार्गों की जानकारी, प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त पुलिस तैनाती और बसों की आवाजाही पर नियंत्रण यातायात प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण होगा।
शहर के प्रमुख बस स्टैंडों पर व्यवस्था में बार-बार बदलाव के कारण यात्रियों को पिछले कई महीनों से परेशानी होने की शिकायत है। ठक्कर बाजार, मेला बस स्टैंड और निमाणी में बसों के मार्ग तथा रवाना होने के स्थान बदलने से यात्रियों में भ्रम की स्थिति बनती है।
नासिक रोड बस स्टैंड पर सुधार कार्य जारी होने से यात्रियों को बस पकड़ने के लिए भागदौड़ करनी पड़ रही है। वहीं, महामार्ग बस स्टैंड से निकलने वाली बसों को मुख्य सड़क पर चल रहे कार्यों के कारण चांडक सर्कल से होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे यात्रा का समय और दूरी बढ़ने की शिकायतें सामने आई हैं।
नवरात्रोत्सव और कालिका माता यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं तथा स्थानीय नागरिकों को जाम से बचाने के लिए समन्वित यातायात व्यवस्था जरूरी होगी। अतिरिक्त बसों के निर्धारित मार्गों पर नियंत्रण, निर्माण स्थलों पर यातायात प्रबंधन और यात्रियों को समय रहते सही जानकारी देना प्रशासन के लिए अहम होगा।
अब सवाल यह है कि त्योहारों की भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं और लंबे समय से परेशानी झेल रहे यात्रियों को कब राहत मिलती है।