Nashik Nandini River Conservation Protest: आगामी सिंहस्थ कुंभमेला 2027 के मद्देनजर नंदिनी नदी का संरक्षण करने, नदी तल में चल रहे ड्रेनेज लाइन के काम को तुरंत रोकने और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांगों को लेकर नासिक में पर्यावरणप्रेमी आक्रामक हो गए हैं।
निसर्गसेवक युवा मंच, नंदिनीप्रेमी और पर्यावरणप्रेमियों की ओर से शनिवार 11 जुलाई को छत्रपति संभाजी महाराज चौक स्थित सिटी सेंटर मॉल के सामने, श्री म्हसोबा महाराज मंदिर के पास शांतिपूर्ण तरीके से लाक्षणिक आंदोलन किया गया। इस आंदोलन को नासिक के विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय संगठनों ने अपना स्वैच्छिक समर्थन दिया।
आंदोलन स्थल पर मनपा के पूर्व विपक्ष के नेता सुधाकरभाऊ बडगुजर ने पहुंचकर आंदोलनकारियों से संवाद साधा। उन्होंने मांगों पर संज्ञान लेते हुए आश्वासन दिया कि आगामी महासभा में इस विषय को प्रशासन के समक्ष उठाकर उचित पैरवी की जाएगी।
निसर्गसेवक युवा मंच के अध्यक्ष अमित कुलकर्णी ने कहा कि नंदिनी नदी का संरक्षण केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि नदी तल में चल रहे ड्रेनेज लाइन के निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोका जाए और माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।
उनका कहना था कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस विषय पर गंभीरता नहीं दिखाते और आगामी महासभा में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगले चरण में पर्यावरणप्रेमी सीधे नंदिनी नदी के पात्र में उतरकर शांतिपूर्ण लेकिन व्यापक आंदोलन करेंगे। कुलकर्णी ने नागरिकों से भी नदी संरक्षण अभियान में शामिल होकर प्रशासन पर जनदबाव बनाने की अपील की, ताकि नंदिनी नदी को प्रदूषण और अतिक्रमण से बचाया जा सके।
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आंदोलन का समापन 'नंदिनी बचाओ, भविष्य बचाओ' के नारों के साथ हुआ। इस आंदोलन में अमित कुलकर्णी, अनिकेत मंडाले, योगेश गांगुर्डे, शुभम महाले, जगबीर सिंह, देवेंद्र देशपांडे, मनीष बाविस्कर, भारती जाधव, प्रीतम भामरे, विराज आंबेकर, भिकन गवली, अनिल भापकर सहित कई पर्यावरणप्रेमी उपस्थित थे।
इसके साथ ही महाराष्ट्र नवनिर्माण पर्यावरण सेना, युवासेना (उबाठा), छावा क्रांतिवीर सेना, निर्भय महाराष्ट्र पार्टी और मानव उत्थान मंच सहित कई संस्थाओं ने इस आंदोलन को अपना खुला समर्थन घोषित किया।