Civic Polls Maharashtra:नासिक महानगरपालिका चुनाव (सोर्सः सोशल मीडिया) 
नासिक

4 विधायकों सहित दिग्गज उम्मीदवारों को पुलिस सुरक्षा, नासिक पुलिस आयुक्त का बड़ा फैसला

Civic Polls Maharashtra: नासिक महानगरपालिका चुनाव से पहले चार विधायकों और कई संवेदनशील उम्मीदवारों को कानून-व्यवस्था और संभावित हिंसा की आशंका के चलते पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई है।

आंचल लोखंडे

Nashik Mmunicipal Election: नासिक महानगरपालिका चुनाव के मतदान से ठीक एक दिन पहले पुलिस आयुक्तालय ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से शहर के चार विधायकों और कुछ संवेदनशील उम्मीदवारों को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया है। मतदान और मतगणना के दौरान किसी भी संभावित हिंसक घटना को रोकने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

चुनावी रंजिश और कानून-व्यवस्था की चुनौती

इस बार के महानगरपालिका चुनाव में भाजपा, शिवसेना (शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट), मनसे, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार और शरद पवार गुट), कांग्रेस, वंचित बहुजन आघाड़ी सहित कई निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं। उम्मीदवारों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और नामांकन प्रक्रिया के दौरान शुरू हुए विवादों के चलते कानून-व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। इसी पृष्ठभूमि में पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील प्रभागों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा कड़ी करने का निर्णय लिया है।

सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती

सिडको संभाग के प्रभाग क्रमांक 25 और 29 में दो उम्मीदवारों के बीच विवाद चरम पर पहुंचने के कारण प्रशासन ने उन्हें सशस्त्र पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई है। इनमें भाजपा उम्मीदवार सुधाकर बडगुजर और निर्दलीय उम्मीदवार मुकेश शहाणे शामिल हैं। इसके अलावा नीलगिरी बाग क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार रिद्धीश निमसे के प्रचार के दौरान प्रतिद्वंद्वी गुट के साथ हुए विवाद और तनाव को देखते हुए उन्हें भी पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई है। विधायकों की सुरक्षा बहाल

चुनावी तनाव और कानून-व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस आयुक्त का बड़ा फैसला

आचार संहिता लागू होने के बाद विधायकों की सुरक्षा हटा ली गई थी, लेकिन खुफिया विभाग की रिपोर्ट और समर्थकों के बीच व्याप्त असंतोष को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पुनः सुरक्षा बहाल करने का निर्णय लिया है। इसके तहत विधायक देवयानी फरांदे, सीमा हिरे, राहुल ढिकले और सरोज अहिरे को दोबारा पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह फैसला पूरी तरह से चुनावी शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

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