Nashik Municipal Corporation Budget: नासिक महानगरपालिका की आयुक्त मनीषा खत्री ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2026–2027 के लिए महानगरपालिका का बजट स्थायी समिति के सभापति मच्छिंद्र सानप को प्रस्तुत किया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए शहर के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।
नासिकवासियों पर किसी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाले बिना आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए 3011.85 करोड़ रुपये की आय के मुकाबले 3010 करोड़ रुपये के व्यय का बजट पेश किया गया है। हालांकि विज्ञापन कर लाइसेंस शुल्क में 15 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। सदस्यों की मांग पर बजट का अध्ययन कर मंजूरी के लिए आगामी 5 तारीख को स्थायी समिति की अगली बैठक आयोजित की जाएगी।
प्रस्तुत बजट के अनुसार 143.09 करोड़ रुपये की प्रारंभिक शेष राशि सहित कुल 3011.85 करोड़ रुपये की आय तथा 3010 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान रखा गया है। वित्तीय वर्ष के अंत में 1.85 करोड़ रुपये की अंतिम शेष राशि रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025–2026 का संशोधित बजट तथा 2026–2027 का मूल बजट स्थायी समिति की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया गया है।
अगले दो से चार दिनों में स्थायी समिति की विशेष बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें बजट के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा होगी। विकास कार्य, बुनियादी सुविधाएं, जलापूर्ति, सड़कें, स्वच्छता तथा नागरिक सुविधाओं के लिए निधि वितरण को लेकर नगरसेवकों द्वारा सुझाव और संशोधन प्रस्तावित किए जाने की संभावना है। स्थायी समिति द्वारा आवश्यक संशोधनों के बाद बजट अंतिम चर्चा के लिए महासभा के समक्ष रखा जाएगा। महासभा की मंजूरी के बाद आगामी वित्तीय वर्ष में शहर के विकास की दिशा तय होगी, इसलिए इस बजट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
बजट प्रस्तुत होने के बाद स्थायी समिति के सदस्यों ने कई सुझाव दिए। कुछ सदस्यों ने नगरसेवक निधि बढ़ाने की मांग की। जलापूर्ति, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अलग तथा अधिक निधि का प्रावधान करने की आवश्यकता भी जताई गई। सिडको क्षेत्र के लिए विशेष निधि देने की मांग भी की गई। नगरसेवक मुकेश शहाणे ने दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार के स्मारक हेतु बजट में निधि आरक्षित रखने की मांग की।
वित्तीय वर्ष 2026–27 के मूल बजट में प्रति नगरसेवक 30 लाख रुपये स्वेच्छा निधि तथा 8 लाख रुपये प्रभाग विकास निधि यथावत रखी गई है। 132 नगरसेवकों के लिए प्रभाग विकास निधि हेतु 39.60 करोड़ रुपये तथा स्वेच्छा निधि के लिए 10.56 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कुछ सदस्यों ने इस निधि में वृद्धि की मांग भी की है।
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आगामी कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। आयुक्त ने बताया कि इससे संबंधित विस्तृत जानकारी अलग से प्रस्तुत की जाएगी।
पिछले चार वर्षों से महानगरपालिका में प्रशासकीय शासन होने के कारण बजट प्रशासक द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा था। हाल ही में हुए महापालिका चुनावों के बाद नगरसेवकों के निर्वाचित होने से यह प्रशासकीय शासन के बाद का पहला बजट होगा।
स्थायी समिति सभापति मच्छिंद्र सानप ने कहा कि आयुक्त द्वारा बजट प्रस्तुत किया गया है और उसे स्वीकार कर लिया गया है। दो-चार दिनों में स्थायी समिति की बैठक लेकर इस पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। यह बजट शहर के विकास को गति देने वाला साबित होगा।