Nashik Two Sisters Drown In Water Tank: घर की बालकनी में रखी पानी की टंकी में गिरने से 2 सगी बहनों की दुखद मौत होने की हृदयविदारक घटना शनिवार 15 अगस्त की रात घटी। मृत बच्चियों की पहचान तृप्ति विशाल सोनवणे (8) और स्वस्ती विशाल सोनवणे (6) के रूप में हुई है। इस दर्दनाक हादसे से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मेरी-लिंक रोड स्थित मानेनगर, शुभम कॉलोनी इलाके में डॉ। विशाल सोनवणे अपने परिवार के साथ रहते हैं।
रासविहारी-मेरी लिंक रोड पर उनका क्लिनिक है, जहां उनकी पत्नी भी डॉक्टरी पेशे में उनकी सहायता करती हैं। शनिवार शाम को जब सोनवणे दंपति क्लिनिक में मरीजों का इलाज कर रहे थे, तब दोनों बच्चियां घर पर अकेली थीं। रात के समय एक मरीज को ड्रिप चढ़ाई जा रही थी, उसी दौरान डॉ. सोनवणे अपनी पत्नी को क्लिनिक में छोड़कर घर आए और दोनों बच्चियों को खाना दिया। मां जल्द ही घर आ जाएगी, यह कहकर उन्होंने रसोई का दरवाजा खुला रखा और घर का मुख्य दरवाजा बाहर से लॉक करके वापस क्लिनिक चले गए।
कुछ समय बाद मरीज की ड्रिप खत्म होने पर डॉ. सोनवणे ने पत्नी से क्लिनिक बंद कर घर जाने को कहा। पत्नी जब घर पहुंचीं और ताला खोलकर भीतर गईं, तो दोनों बच्चियां घर में नजर नहीं आईं। उन्होंने तुरंत उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान रसोई से सटी बालकनी में रखी पानी की टंकी का ढक्कन खुला देखकर उन्हें संदेह हुआ। जब उन्होंने टंकी के अंदर झांककर देखा, तो एक बच्ची के बाल पानी में तैरते हुए दिखाई दिए। उन्होंने तुरंत उसे बाहर निकाला, जिसके बाद दूसरी बच्ची भी उसी टंकी में पाई गई।
दोनों बच्चियों को बाहर निकालने के बाद घबराई हुई हालत में उन्होंने पति को फोन कर घटना की सूचना दी। क्लिनिक की दूरी अधिक होने के कारण डॉ. सोनवणे ने पड़ोसी अमोल पोतदार सहित अन्य लोगों को तुरंत मदद के लिए भेजा। पड़ोसियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों बच्चियों को रात लगभग 10:35 बजे अपोलो अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने रात 11:10 बजे जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया और मसरूल पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया। रविवार दोपहर को शोक भरे माहौल में दोनों बहनों का अंतिम संस्कार किया गया।