नासिक के मॉल ने चीनी की खरीद को पांच किलो तक सीमित किया (सोर्स: AI)
नासिक

नासिक में सस्ती चीनी के लिए मॉल में उमड़ी भीड़, अब एक व्यक्ति खरीद सकेगा सिर्फ 5 किलो

Nashik Mall Limits Sugar Purchase: नासिक में बाजार से सस्ती चीनी मिलने पर मॉल में थोक खरीदारी बढ़ गई। व्यापारियों की बढ़ती खरीद को देखते हुए मॉल ने प्रति व्यक्ति 5 किलो की सीमा लागू कर दी।

आलोक उमाकृष्ण

Nashik Mall Sets 5 Kg Sugar Purchase Limit: बाजार की तुलना में मॉल में चीनी सस्ती मिलने के कारण वहां से बड़े पैमाने पर खरीदारी बढ़ गई थी। इसे देखते हुए मॉल संचालकों ने चीनी की खरीद पर प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम की सीमा लागू करने का निर्णय लिया है।

वर्तमान में थोक बाजार में चीनी 69 से 72 रुपये प्रति किलोग्राम और खुदरा बाजार में 78 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रही है। इसके मुकाबले मॉल में चीनी केवल 67 रुपये प्रति किलोग्राम उपलब्ध थी। यानी बाजारभाव की तुलना में चीनी करीब 5 से 8 रुपये सस्ती मिल रही थी।

इस मूल्य अंतर का लाभ उठाने के लिए कई छोटे व्यापारी और खुदरा विक्रेता सीधे मॉल पहुंचने लगे। इसके परिणामस्वरूप मॉल में बड़े पैमाने पर थोक खरीदारी होने लगी। लेकिन बाजार में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, लेकिन मॉल में अचानक खरीदारों की संख्या बढ़ने से बिक्री का प्रबंधन करना मुश्किल हो गया।

चीनी खरीद पर प्रति व्यक्ति 5 Kg की सीमा लागू

स्थिति को देखते हुए नासिक में मॉल प्रशासन ने तत्काल चीनी खरीद पर प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम की सीमा लागू कर दी। मॉल प्रबंधन के अनुसार, इस निर्णय से व्यापारियों और छोटे कारोबारियों द्वारा की जा रही अतिरिक्त खरीद पर रोक लगी है। प्रति व्यक्ति सीमा तय होने से बिक्री पर नियंत्रण आया है। साथ ही मॉल से चीनी खरीदकर खुदरा दुकानों में बेचने वालों पर भी अंकुश लगा है।

खुदरा बाजार में चीनी उपलब्ध

इस बीच व्यापारियों ने बताया कि थोक विक्रेताओं के पास चीनी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और किसी तरह की कमी नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि चीनी की कीमतें बढ़ने के दौरान राज्य सरकार और प्रशासन ने समय रहते ध्यान नहीं दिया।

अब अचानक बाजार में कमी की स्थिति दिखाई देने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ है। व्यापारियों के अनुसार, पिछले कुछ समय में चीनी की कीमतों में अचानक 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम तक की बढ़ोतरी हुई है।

यदि प्रशासन ने समय रहते चीनी की कीमतों पर निगरानी और नियंत्रण किया होता, तो इतनी बड़ी मूल्यवृद्धि नहीं होती। उन्होंने बाजार में चीनी की उपलब्धता पर्याप्त होने के बावजूद कीमतों में तेजी पर चिंता जताई है।

कॉकरोच किसके लिए कहा गया था? CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा दावा, जानें किसका लिया नाम

तरुण तेजपाल को जाना ही होगा जेल...सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई याचिका, सरेंडर के लिए दिया दो हफ्ते का टाइम

जंतर-मंतर हिंसा से दिल्ली पुलिस ने ली सीख, तैयार किया नया प्लान, अब हर बड़े प्रदर्शन पर ऐसे रखी जाएगी पैनी नजर

2027 की जनगणना से पहले राहुल गांधी और खड़गे ने PM मोदी को लिखा पत्र, जाति के आंकड़ों पर उठाए सवाल

6 साल में 41 मासूमों की मौत; अमरावती से झांसी तक अस्पताल बने आग का गोला, लेकिन एक भी दोषी को नहीं हुई सजा