नासिक मालेगांव दशहरा ग्राउंड अतिक्रमण सोर्स: सोशल मीडिया
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नासिक-मालेगांव के दशहरा मैदान से अतिक्रमण हटाने की मांग; कार्रवाई न होने पर रावण दहन रोकने की समिति की चेतावनी

Nashik Malegaon Dussehra Ground Encroachment: नासिक के मालेगांव के संगमेश्वर दशहरा मैदान से कथित अतिक्रमण हटाने की मांग पर समिति ने धरना दिया। कार्रवाई नहीं होने पर रावण दहन रोकने की चेतावनी दी गई।

मनीषा बोंदरे

Highlights

  • नासिक जिले के मालेगांव के संगमेश्वर क्षेत्र स्थित दशहरा मैदान से कथित अतिक्रमण हटाने की मांग।

  • सार्वजनिक नागरिक सुविधा समिति ने 19 अक्टूबर को धरना दिया।

  • समिति अध्यक्ष रामदास बोरसे ने रावण दहन रोकने की चेतावनी दी।

  • मैदान में पर्याप्त जगह नहीं बचने और सुरक्षा जोखिम की आशंका जताई गई।

  • मनपा और राजस्व प्रशासन से जमीन के स्वामित्व व निर्माण की वैधता की जांच की मांग।

Nashik Protest Ravan Dahan Public Civic Committee: नासिक जिले के मालेगांव में संगमेश्वर क्षेत्र स्थित दशहरा मैदान की सरकारी जमीन से कथित अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर सार्वजनिक नागरिक सुविधा समिति ने 19 अक्टूबर को धरना दिया। समिति अध्यक्ष रामदास बोरसे ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर रावण दहन कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा। समिति ने आयोजन में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

दशहरा मैदान से अतिक्रमण हटाने की मांग

नासिक जिले के मालेगांव में संगमेश्वर क्षेत्र स्थित दशहरा मैदान की सरकारी जमीन से कथित अतिक्रमण हटाने की मांग तेज हो गई है। सार्वजनिक नागरिक सुविधा समिति ने सोमवार, 19 अक्टूबर को धरना देकर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। समिति अध्यक्ष रामदास बोरसे ने चेतावनी दी कि यदि अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो मंगलवार को प्रस्तावित रावण दहन कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा।

समिति का आरोप है कि मैदान की जमीन पर अतिक्रमण के कारण विजयादशमी के पारंपरिक आयोजन के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है। इससे कार्यक्रम में शामिल होने वाले नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

रावण दहन के दौरान सुरक्षा पर सवाल

संगमेश्वर के दशहरा मैदान में हर साल विजयादशमी पर रावण दहन का आयोजन किया जाता है। समिति के अनुसार, मैदान में कथित अतिक्रमण के कारण उपलब्ध जगह कम हो गई है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने पर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

समिति ने सवाल उठाया कि रावण दहन के दौरान पटाखों से आग लगने या कोई अन्य हादसा होने पर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। इसी आधार पर आयोजन से पहले मैदान की स्थिति की जांच और आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।

मनपा और राजस्व प्रशासन को ज्ञापन

सार्वजनिक नागरिक सुविधा समिति का कहना है कि इस मुद्दे पर पहले भी मालेगांव महानगरपालिका आयुक्त और राजस्व प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए थे। समिति ने सरकारी जमीन के स्वामित्व, मैदान में हुए निर्माण कार्यों की वैधता और कथित अतिक्रमण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की थी।

समिति के मुताबिक, अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उसे धरना आंदोलन करना पड़ा। रामदास बोरसे ने दोहराया कि यदि प्रशासन ने अतिक्रमण के मामले में कदम नहीं उठाए, तो रावण दहन कार्यक्रम का विरोध किया जाएगा।

प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल विवाद के केंद्र में मैदान की जमीन, कथित अतिक्रमण और दशहरा आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था है। अब यह देखना होगा कि महानगरपालिका और राजस्व प्रशासन जांच कर क्या कदम उठाते हैं तथा निर्धारित कार्यक्रम को लेकर क्या निर्णय होता है।

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