नासिक कालाराम मंदिर परिसर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
नासिक

नासिक कालाराम मंदिर परिसर में आतंकी हमले की मॉक ड्रिल, मध्यरात्रि ऑपरेशन में कमांडो ने संभाली कमान

Nashik Kalaram Temple: नासिक के कालाराम मंदिर परिसर में आतंकी हमले की काल्पनिक स्थिति बनाकर मॉक ड्रिल की गई। फेक कॉल पर पुलिस व एनएसजी ने संयुक्त रूप से सफल अभ्यास किया।

अंकिता पटेल

Nashik NSG Commandos Mock Exercise: नासिक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले श्री कालाराम मंदिर परिसर में सोमवार 16 फरवरी मध्यरात्रि को आतंकी हमले से निपटने के लिए एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई।

इस दौरान आतंकियों के मंदिर में घुसने और श्रद्धालुओं को बंधक बनाने की काल्पनिक स्थिति (बनाव) तैयार की गई थी। इस 'फेक कॉल' के मिलते ही सबसे पहले स्थानीय पुलिस का क्विक रिस्पॉन्स दस्ता मौके पर पहुंचा।

इसके बाद नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के कमांडो को बुलाया गया। काले गणवेश में तैनात कमांडो ने मंदिर को चारों ओर से घेर लिया और नागचौक के पास अपना बेस कैंप स्थापित किया। अत्याधुनिक हथियारों से लैस कमांडो ने सुनियोजित तरीके से मंदिर में प्रवेश किया और 'आतंकियों' का सफाया करने का सफल अभ्यास किया।

सिंहस्थ की सुरक्षा के लिए महा-अभ्यास

आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान लाखों की भीड़ उमड़ने वाली है, जिसे देखते हुए सुरक्षा तंत्र को 'अलर्ट' मोड पर रखने के लिए यह मॉक ड्रिल अत्यंत महत्वपूर्ण थी।

इस दौरान पंचवटी पुलिस, दंगा नियंत्रण दस्ता और बम निरोधक दस्ते ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। इस विशेष अभियान में सुरक्षा बलों के साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित चार श्वान भी शामिल थे, जिन्होंने संदिग्ध वस्तुओं की पहचान करने का अभ्यास किया।

इस हाई-प्रोफाइल मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन के बड़े अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहे। पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक, जिलाधिकारी आयुष प्रसाद और विभिन्न विभागों के उपायुक्तों ने पूरे ऑपरेशन का बारीकी से निरीक्षण किया।

अधिकारियों के अनुसार, मुंबई के 2008 के हमलों के अनुभव को देखते हुए धार्मिक स्थलों पर इस तरह की तैयारी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी है।

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