नासिक IT कंपनी में धर्म परिवर्तन मामले में गिरफ्तार आरोपी (सोर्स: सोशल मीडिया) 
नासिक

नासिक IT कंपनी में धर्म परिवर्तन का खौफनाक खेल! लिपस्टिक छोड़ने से छत पर रंगरेलियां तक, SIT का बड़ा खुलासा

Nashik IT Company Case: नासिक की मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में यौन शोषण और धर्मांतरण के 'मास्टरगेम' का पर्दाफाश हुआ है। SIT जांच में युवतियों का ब्रेनवॉश करने समेत कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

आकाश मसने

Nashik IT Company Religious Conversion Case: महाराष्ट्र के नासिक में स्थित एक जानी-मानी मल्टीनेशनल आईटी (IT) कंपनी इन दिनों काम के लिए नहीं, बल्कि एक काले साम्राज्य के खुलासे को लेकर चर्चा में है। जिसे शुरुआत में केवल यौन शोषण का मामला समझा जा रहा था, वह अब एक सुनियोजित 'धर्मांतरण रैकेट' और 'ब्रेनवॉशिंग' के बड़े जाल के रूप में सामने आया है। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने जो खुलासे किए हैं, वे किसी भी पेशेवर कार्यस्थल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

लिपस्टिक छोड़ी और शुरू किए उपवास

जांच में पता चला है कि संदिग्ध आरोपियों ने पीड़िता को मानसिक रूप से पूरी तरह अपने वश में कर लिया था। पीड़िता के व्यवहार में आए बदलाव हैरान करने वाले हैं। आरोपी दानिश और उसके साथियों ने लड़की का इस कदर ब्रेनवॉश किया था कि उसने लगातार दो साल तक महीनों-महीनों उपवास रखना शुरू कर दिया था। हैरानी की बात यह है कि वह अपनी हिंदू सहेलियों के साथ खाना तक नहीं खाती थी। जब उसे उसकी सहेलियां खाना खाने बुलाती तो वो साफ मना कर देती। यहां तक कि उसने 'लिपस्टिक' लगाना भी बंद कर दिया था। पीड़िता की हिंदू टीम लीडर ने उसे कई बार आगाह किया कि दानिश शादीशुदा है, तो पीड़िता ने उस पर यकीन करने के बजाय अपने ही साथियों से दूरी बना ली।

'खास कपड़े पहनो, अच्छी लगोगी'

SIT की जांच में यह भी सामने आया है कि इस रैकेट में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि एक खास समुदाय की महिलाएं भी शामिल थीं। ये महिला कर्मचारी हिंदू लड़कियों से दोस्ती करती थीं और धीरे-धीरे उन्हें धर्म विशेष के रीति-रिवाजों की ओर धकेलती थीं। उन्हें यह कहकर लुभाया जाता था कि, "तुम इस खास धर्म के कपड़ों में ज्यादा अच्छी लगोगी।" जो लड़कियां बातों में नहीं आती थीं, उन पर दबाव और जबरदस्ती भी की जाती थी।

मल्टीनेशनल आईटी कंपनी की छत पर आपत्तिजनक हरकतें

मल्टीनेशनल आईटी कंपनी के भीतर चल रहे इस गंदे खेल का एक और सबूत तब मिला जब एक हिंदू लड़की और एक संदिग्ध युवक को कंपनी की छत पर कर्मचारियों ने आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा। यह पूरी घटना CCTV में कैद हुई थी, लेकिन कंपनी के उच्च अधिकारियों ने मामले को रफा-दफा कर दिया। बताया जा रहा है कि इस घुटन भरे माहौल और मानसिक प्रताड़ना के कारण कई युवतियां पहले ही नौकरी छोड़ चुकी हैं।

नासिक पुलिस की रडार पर आईटी कंपनी का HR विभाग

इस मामले में अब तक कुल 9 केस दर्ज किए जा चुके हैं। देवलाली कैंप में 1 और मुंबई नाका में 8 केस दर्ज है। SIT ने अब तक 6 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। कंपनी की HR हेड अश्विनी अशोक चैनानी केस दर्ज होते ही पुणे फरार हो गई थी। लेकिन अब वह पुलिस की हिरासत में है। नासिक पुलिस यह जांच कर रही है कि कंपनी प्रशासन के कितने बड़े अधिकारी इस पूरे रैकेट को संरक्षण दे रहे थे।

सुभाष चंद्रा की बढ़ीं मुश्किलें, 1322 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में CBI ने दर्ज की FIR

भाग सकते हो, छिप नहीं सकते..., कश्मीर में सुरक्षाबलों ने लश्कर के पाकिस्तानी कमांडर यासिर को किया ढेर

सहारनपुर मस्जिद पर UP में गरमाई सियासत, मायावती ने की बुलडोजर कार्रवाई रोकने की मांग

Teacher’s Day पर PM मोदी की शिक्षकों संग खास बातचीत, पब्लिक स्पीकिंग से लेकर बच्चों के टैलेंट तक पर हुई चर्चा

Operation Chakra 6: डिजिटल अरेस्ट का खौफनाक खेल! 3 महीने बंधक बनाकर ऐंठे 42.36 करोड़, CBI ने दबोचे 3 एजेंट