नासिक में पुराने शहर में बाढ़ से नुकसान (सोर्स: सोशल मीडिया) 
नासिक

VEDIO: नासिक में आसमानी आफत, गोदावरी के रौद्र रूप से पुराने शहर में तबाही, 50 से अधिक दुकानों में घुसा पानी

Godavari River Flood: नासिक में मूसलाधार बारिश से गोदावरी नदी उफान पर है। पुराने शहर के सराफ, भांडी और कापड बाजार में बाढ़ का पानी घुसने से 50 से अधिक दुकानें जलमग्न हो गईं।

गोरक्ष पोफली

Nashik Heavy Rain Godavari River Floods: महाराष्ट्र के नासिक जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। गोदावरी नदी के बढ़ते जलस्तर और आसमानी बिजली के साथ हुई भारी वर्षा ने नासिक के पुराने शहर के व्यापारिक ढांचे की कमर तोड़ दी है। नदी के किनारे बसे सखल इलाकों में पानी घुसने से स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में भारी आक्रोश और चिंता देखी जा रही है।

गोदावरी के उफान के कारण पुराने शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्र जैसे भांडी बाजार, सराफ बाजार और कापड बाजार पूरी तरह से जलमग्न हो गए। जानकारी के अनुसार, इन बाजारों की 50 से अधिक दुकानों में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे वहां रखा लाखों का सामान बर्बाद हो गया है। जब रविवार की सुबह पानी कम होना शुरू हुआ, तो दुकानों के भीतर का मंजर खौफनाक था। दुकानों में फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और महत्वपूर्ण व्यावसायिक दस्तावेज पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं। फर्श पर कीचड़, गाड़ और मलबे की एक मोटी परत जम गई है, जिसे हटाने में व्यापारियों के पसीने छूट रहे हैं।

सिल्वर लाइनिंग की उम्मीद में व्यापारी

यह बाढ़ व्यापारियों के लिए तब आई है जब वे आगामी सत्यनारायण पूजा और त्योहारों के सीजन की तैयारी कर रहे थे। दुकानदारों ने त्योहारों के मद्देनजर भारी मात्रा में नया स्टॉक जमा किया था, जो अब पानी और कीचड़ की वजह से किसी काम का नहीं रहा। रविवार सुबह से ही व्यापारी, उनके कर्मचारी और कई स्थानीय स्वयंसेवक दुकानों से पानी और कचरा निकालने और सफाई करने में जुटे हुए हैं, लेकिन व्यापार पूरी तरह से ठप्प हो चुका है। प्राथमिक अनुमान के मुताबिक, इस आपदा से व्यापारियों को लाखों रुपये की चपत लगी है।

प्रशासन से मदद की गुहार

प्रभावित व्यापारियों ने अब प्रशासन से तत्काल राहत की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन तुरंत पंचनामा शुरू करे ताकि क्षति का सही आकलन हो सके। इसके अलावा, व्यापारियों ने आर्थिक मदद, बैंक कर्जों पर ब्याज में छूट और टैक्स में राहत देने की भी अपील की है, ताकि वे इस बड़े आर्थिक संकट से उभर सकें।

नासिक के इन व्यापरियों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी जरूरत जमीन पर तत्काल प्रशासनिक सहायता की है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन व्यापारियों के कटे पर नमक छिड़कने के बजाय कितनी जल्दी उन्हें इस संकट से बाहर निकालने के लिए ठोस कदम उठाती है।

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