नासिक गोदा आरती  सोर्स: सोशल मीडिया
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नासिक में गोदावरी तट पर जुटेंगे 1 लाख श्रद्धालु; ध्वजारोहण और गोदा आरती के लिए बड़ी तैयारी

Nashik Goda Aarti Crowd: नासिक में 31 अक्टूबर को सिंहस्थ ध्वजारोहण और गोदा आरती के लिए एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान। जानें गोदाघाट की क्षमता, सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की तैयारी।

मनीषा बोंदरे

Highlights

  • नासिक में 31 अक्टूबर को सिंहस्थ ध्वजारोहण समारोह और गोदा आरती का आयोजन।

  • गोदावरी तट पर करीब 1 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान।

  • गोदाघाट पर एक समय में 30 से 35 हजार श्रद्धालुओं के खड़े होने की क्षमता का आकलन।

  • पंचवटी, गोदाकाट और पुराने नाशिक में ‘नो व्हीकल जोन’ लागू।

  • सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर पुलिस का विशेष ध्यान।

Nashik Kumbh Mela Flag Hoisting Goda Aarti Crowd Management: नासिक में 31 अक्टूबर को सिंहस्थ ध्वजारोहण समारोह और गोदा आरती के लिए गोदावरी तट पर करीब एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था की तैयारी की है। गोदाघाट की क्षमता को देखते हुए रामकुंड परिसर में प्रवेश नियंत्रित रखने की योजना है।

नासिक में गोदावरी तट पर जुटेंगे 1 लाख श्रद्धालु

नासिक, सिंहस्थ कुंभमेले के ध्वजारोहण समारोह के लिए 31 अक्टूबर को गोदावरी तट पर करीब एक लाख श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान है। ध्वजारोहण और गोदा आरती के अवसर पर संभावित भीड़ को संभालना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती होगी। सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था के लिहाज से यह आयोजन आगामी सिंहस्थ कुंभमेले के अमृत स्नान पर्वों की तैयारियों की अहम परीक्षा भी माना जा रहा है।

पुलिस ने तैयार किया सुरक्षा प्लान

पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के मार्गदर्शन में विशेष शाखा ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी की है। आयोजन में साधु-महंतों, मानकरियों, विशेष आमंत्रितों, धार्मिक संस्थाओं के अनुयायियों, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों के शामिल होने की संभावना है।

अनुमान के अनुसार, समारोह में करीब 6,500 मानकरी, उनके 3 से 4 हजार रिश्तेदार, 30 हजार विशेष आमंत्रित और गणमान्य व्यक्ति, 25 से 30 हजार धार्मिक संस्थाओं के अनुयायी तथा 12 से 15 हजार स्थानीय नागरिक और पर्यटक पहुंच सकते हैं।

गोदाघाट पर सीमित रहेगी क्षमता

गोदाघाट की क्षमता और सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आरती के समय घाटों पर करीब 30 से 35 हजार श्रद्धालुओं के ही खड़े हो सकने का अनुमान है। ऐसे में रामकुंड परिसर में प्रवेश को नियंत्रित रखने की योजना बनाई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यहां वीवीआईपी और वीआईपी व्यक्तियों के प्रवेश के लिए विशेष व्यवस्था प्रस्तावित है।

श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखना और घाटों पर भीड़ का दबाव नियंत्रित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा। सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और आपसी समन्वय के साथ व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

पंचवटी और पुराने नासिक में नो व्हीकल जोन

श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने, भीड़ का दबाव कम करने और यातायात जाम से बचने के लिए पंचवटी, गोदाकाट और पुराने नासिक क्षेत्र में ‘नो व्हीकल जोन’ लागू किया गया है। इन इलाकों में वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहने से आयोजन स्थल के आसपास पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा।

शंखनाद समारोह में पहुंचे थे 8 हजार नागरिक

इससे पहले रविवार को आयोजित 501 लोगों के शंखनाद समारोह में करीब 8 हजार नागरिक उपस्थित हुए थे। अब ध्वजारोहण समारोह में इससे कई गुना अधिक भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है।

ऐसे में प्रशासन के सामने घाटों पर सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने, भीड़ को नियंत्रित रखने और यातायात सुचारु बनाए रखने की चुनौती होगी। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ तैयारियों में जुटी हैं।

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