Nashik Kumbh Godavari River Pollution( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
नासिक

आस्था बनाम प्रदूषण: नासिक कुंभ से पहले गोदावरी में झाग, गाड़ी धुलाई पर सवाल; प्रशासन ने लगाए बैरिकेड्स

Nashik Kumbh: नासिक के गोदाघाट पर निर्माल्य विसर्जन से प्रदूषण की चिंता बढ़ी है। प्रशासन ने बैरिकेड्स लगाकर कचरा अलग इकट्ठा करना शुरू किया है, लेकिन कपड़े व गाड़ी धुलाई से नदी में झाग दिखाई दे रहा है।

अंकिता पटेल

Nashik Kumbh Godavari River Pollution: नासिक देश-विदेश से आने वाले भक्त आस्था के साथ गोदाघाट पर निर्माल्य को पानी में विसर्जित करते हैं। जिसकी वजह से नदी में पदूषण बढ़ने की बात कही जा रही है, हालांकि प्रशासन ने महाकुंभ के दौरान बढ़ने वाले प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए, नदी के भीतर बैरिके लगाए हैं ताकि निर्माल्य सीधे पानी में न जाए और नदी को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।

बताया जा रहा है कि दिन भर में सैकड़ों किलो निर्माल्य इकट्ठा किया जा रहा है और उसे अलग से मैनेज किया जा रहा है। हालांकि, दूसरी तरफ, गोदाघाट इलाके में कपड़े धोने और गाड़ी धोने का काम किया जा रहा है जिसकी वजह से गोदावरी नदी में साबुन का झाग तैरता हुआ दिख रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ जगहों पर पैसे लेकर गाड़ी धोने की सर्विस दी जा रही है, गाड़ियों से निकलने वाले केमिकल सीधे पानी में मिलने से गंदगी का खतरा बढ़ रहा है। नासिक में होने वाले कुंभ मेले को देखते हुए, जहां करोड़ों के फंड मंजूर करने की व्बात हो रही है।

प्रदूषण के चलते नागरिकों ने व्यक्त की थी तीखी नाराजगी

ही नागरिक यह सवाल उठा रहे हैं कि प्रदूषण फैलाने वाली चीजों पर सख्त रोक क्यों नहीं लगाई जा रही है। गोदावरी नदी में बड़ी मात्रा में प्रदूषण फैलाने का काम किया जाता है जिसे लेकर प्रशासन पूरी तरह से गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है।

गोदाघाट के अलग-अलग कामों को लेकर जहां विवाद है, वहीं इस बात पर भी कड़ी नाराजगी जताई जा रही है कि असल में प्रदूषण रोकने के लिए तोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं।

हाई कोर्ट ने पहले ही साफ निर्देश दिए हैं कि गोदाघाट में किसी भी गाड़ी को अंदर न आने दिया जाए और पुलिस सुरक्षा का इंतजाम किया जाए, लेकिन प्रशासन की तरफ से किसी प्रकार के कोई सख्त कदम अभी तक नहीं उठाए जा रहें हैं जिसकी वजह से गोदावरी नदी को प्रदूषित करने का काम किया जा रहा है।

लेकिन, हाईकोर्ट के आदेशों को ठीक से लागू न किए जाने के लिए संबंधित सिस्टम जिम्मेदार है। हमने इस बारे में हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। मनपा और पुलिस वालों को इस बारे में सावधान रहने की आवश्यकता है ताकि नदी को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।

- याचिकाकर्ता, राजेश पंडित

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