Couple Ate Curd After Mutton Wife Dies: महाराष्ट्र के नासिक जिले से एक ऐसी हृदयविदारक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अक्सर हम स्वाद के चक्कर में भोजन के नियमों की अनदेखी कर देते हैं, लेकिन कभी-कभी यह छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। पहले तरबूज खाने से एक ही परिवार के लोगों की मौत, फिर आमरस खाने से फूड पॉइजनिंग और अब नासिक की बागलान तहसील के आखतवाड़े गांव में एक बुजुर्ग किसान दंपती के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां मटन और दही का सेवन उनके जीवन पर भारी पड़ गया।
रविवार की रात, एक साधारण से दिखने वाले भोजन के साथ शुरू हुई यह कहानी एक बड़ी त्रासदी में बदल गई। आखतवाड़े गांव के रहने वाले एक बुजुर्ग दंपत्ति ने रात के भोजन में मटन का सेवन किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मटन खाने के बाद उन्होंने दही भी खाया। भोजन करने के कुछ ही समय बाद, 68 वर्षीय द्वारकाबाई शांताराम ह्यालीज और उनके 78 वर्षीय पति शांताराम ह्यालीज की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उन्हें तीव्र बेचैनी होने लगी, जिसके बाद उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन द्वारकाबाई की हालत तेजी से बिगड़ती गई। उपचार के दौरान ही द्वारकाबाई का निधन हो गया। वहीं, उनके पति शांताराम ह्यालीज की हालत भी अत्यंत नाजुक बनी हुई है। उन्हें मालेगांव के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां वे फिलहाल जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी स्थिति अभी भी काफी चिंताजनक है।
इस घटना ने पूरे नासिक परिसर में सनसनी फैला दी है और लोग इस बात को लेकर तर्क-वितर्क कर रहे हैं कि आखिर फूड पॉयजनिंग की असल वजह क्या थी। क्या वह मटन खराब था, या फिर मटन के तुरंत बाद दही का सेवन करना जहर बन गया? चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि मटन और दही का एक साथ सेवन करना या भोजन का बासी होना, गंभीर फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में जहर का सटीक स्रोत अभी तक आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं हो पाया है।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तत्काल कदम उठाए हैं। पुलिस ने घटना की सघन जांच शुरू कर दी है और सच्चाई का पता लगाने के लिए उस रात खाए गए भोजन के नमूने इकट्ठा कर लिए हैं। इन नमूनों को रासायनिक जांच के लिए पुणे की लैब में भेजा गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
आखतवाड़े गांव में इस समय मातम छाया हुआ है। यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि खान-पान के प्रति थोड़ी सी भी असावधानी कितने बड़े संकट को निमंत्रण दे सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ हमेशा सलाह देते हैं कि विरुद्ध आहार जैसे मांस और डेयरी उत्पादों का गलत कॉम्बिनेशन से बचना चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को टाला जा सके।