दत्तनगर में दूषित पानी की समस्या के बाद मनपा ने जलापूर्ति सुधारने के उपाय तेज किए।
क्षेत्र में 175 नए नल कनेक्शन देने की योजना, 40 कनेक्शन पूरे और 130 का काम जारी।
अमृत 2.0 योजना के तहत 1,029 मीटर नई पाइपलाइन बिछाई गई।
प्रभावित नागरिकों को टैंकरों से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
बोरवेल और हैंडपंप का पानी पीने या घरेलू उपयोग में नहीं लेने की अपील।
Nashik Water Supply Dattnagar Contaminated Water NMC: नासिक के अंबड स्थित दत्तनगर में दूषित पानी की समस्या को देखते हुए मनपा ने जलापूर्ति सुधारने के काम तेज किए हैं। अब तक 40 नए नल कनेक्शन दिए गए हैं, 130 का काम जारी है और अमृत 2.0 योजना के तहत 1,029 मीटर नई पाइपलाइन बिछाई गई है।
नासिक, अंबड के दत्तनगर (प्रभाग क्रमांक 27) में दूषित पानी की समस्या और उससे जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के मद्देनजर नासिकमहानगरपालिका ने जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने के प्रयास तेज कर दिए हैं। पालकमंत्री एवं जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन और मनपा आयुक्त मनीषा खत्री के प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश देने के बाद जलापूर्ति विभाग ने अल्पकालीन और दीर्घकालीन उपाय शुरू किए हैं।
प्रभावित नागरिकों को राहत देने के लिए मनपा ने टैंकरों की व्यवस्था बढ़ाई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर को 10, 10 अक्टूबर को 6, 11 अक्टूबर को 4, 12 अक्टूबर को 9 और 13 अक्टूबर को 10 टैंकर फेरे लगाए गए।
इसके अलावा बड़ी आवासीय सोसायटियों में 2,000 से 3,000 लीटर क्षमता वाली पांच पानी की टंकियां रखी गई हैं। टैंकरों के माध्यम से इन टंकियों को भरकर नागरिकों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
जलापूर्ति व्यवस्था के स्थायी सुधार के लिए कम क्षमता वाले नल कनेक्शनों को बदलकर आवासीय इमारतों की जरूरत के अनुरूप उचित क्षमता वाले कनेक्शन दिए जा रहे हैं। 12 अक्टूबर तक 40 नए नल कनेक्शन दिए जा चुके थे, जबकि 130 कनेक्शनों का काम जारी था।
अमृत 2.0 योजना के तहत दत्तनगर की विभिन्न सड़कों और गलियों में कुल 1,029 मीटर नई पाइपलाइन बिछाई गई है। इसमें सिद्धिविनायक अपार्टमेंट से तुलजा भवानी मंदिर लेन तक 172 मीटर, गणेश स्टेशनरी से कृष्णा हाइट्स तक 215 मीटर, स्वामी समर्थ मिल परिसर में 147 मीटर, मोबाइल से शंकर मंदिर तक 270 मीटर और श्री क्लिनिक से श्री ठाकुर पार्लर तक 225 मीटर पाइपलाइन का काम शामिल है।
मनपा ने इस पाइपलाइन से जुड़े शेष नल कनेक्शन और क्रॉस कनेक्शन का काम 15 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
दूषित पानी की आशंका को देखते हुए नागरिकों को हैंडपंप और बोरवेल के पानी का पीने या घरेलू उपयोग में इस्तेमाल नहीं करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। भूजल सर्वेक्षण विभाग के माध्यम से संबंधित बोरवेल को सील करने की कार्रवाई भी की जा रही है।
मनपा के अनुसार, पहले दत्तनगर जलकुंभ से सुबह 6 से 8 बजे तक पानी की आपूर्ति होती थी। 9 अक्टूबर से पानी की मात्रा बढ़ाकर बूस्टर की मदद से शाम के सत्र में भी जलापूर्ति शुरू की गई थी। हालांकि, स्थानीय नागरिकों और नगरसेवकों की मांग के बाद 14 अक्टूबर से सुबह के सत्र में ही जलापूर्ति फिर शुरू करने का निर्णय लिया गया है।