नासिक धर्मांतरण केस सोर्स: सोशल मीडिया
नासिक

नासिक धर्मांतरण केस के सभी 9 मामलों की अब एक ही कोर्ट में सुनवाई, एक मुकदमा नासिक सत्र न्यायालय में ट्रांसफर

Nashik Conversion Case Hearing: नासिक धर्मांतरण के प्रयास और महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़े 9 मामलों की सुनवाई अब एक ही अदालत में होगी। नासिकरोड से एक मामला नासिक सत्र न्यायालय में ट्रांसफर किया गया।

मनीषा बोंदरे

Nashik Conversion Case SIT Investigation: नासिक में धर्मांतरण के प्रयास और महिलाओं से उत्पीड़न से जुड़े सभी 9 मामलों की सुनवाई अब एक ही अदालत में होगी। नासिक रोड सत्र न्यायालय में लंबित एक मामला जिला एवं सत्र न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया है।

एक कोर्ट में आए सभी 9 मामले

नासिक, बहुराष्ट्रीय कंपनी की एक युवती और युवक के कथित धर्मांतरण के प्रयास तथा अन्य महिलाओं से छेड़छाड़ और उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई अब नासिक सत्र न्यायालय की एक ही अदालत में होगी। नासिक जिले के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आदेश के बाद नासिकरोड सत्र न्यायालय में लंबित एक मुकदमे को नासिक सत्र न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया है।

बताया गया है कि इन मामलों में अपराध का स्वरूप, घटनास्थल और संदिग्ध आरोपियों से जुड़े पहलू समान हैं। ऐसे में सुनवाई को एक जगह केंद्रित करने का उद्देश्य प्रक्रिया में तेजी लाना और अलग-अलग अदालतों से परस्पर विरोधी फैसले आने की संभावना को कम करना है।

SIT जांच के बाद दाखिल हुआ था आरोपपत्र

यह मामला मार्च में बहुराष्ट्रीय कंपनी से जुड़े धर्मांतरण केस के कथित प्रयास और उत्पीड़न के आरोपों के बाद सामने आया था। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT गठित की गई थी। SIT की जांच पूरी होने के बाद विभिन्न मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए गए।

आरोपपत्र के अनुसार, कुल 9 मामले इस प्रकरण से जुड़े हैं। इनमें से 6 मामलों में फिलहाल दोषसिद्धि-पूर्व बहस की प्रक्रिया चल रही है। देवलाली कैंप पुलिस थाने में दर्ज एक मामला नासिकरोड सत्र न्यायालय में लंबित था। अब इसे भी नासिक सत्र न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया है।

जिला न्यायाधीश क्रमांक 10 की अदालत में सुनवाई

स्थानांतरण के बाद देवलाली कैंप पुलिस थाने का मामला जिला न्यायाधीश क्रमांक 10 एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में अन्य संबंधित मामलों के साथ जोड़ा गया है। अब सभी मामलों की आगे की सुनवाई एक ही अदालत में होगी।

आरोपों की होगी न्यायिक पड़ताल

SIT जांच और दाखिल आरोपपत्र के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी। विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज मामलों में महिलाओं को कथित रूप से अपने जाल में फंसाने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और उत्पीड़न सहित अन्य आरोपों का उल्लेख किया गया है।

पुलिस जांच में सामने आए आरोपों और साक्ष्यों की न्यायालय में सुनवाई के दौरान पड़ताल होगी। आरोप साबित होने तक संबंधित व्यक्तियों को आरोपी के रूप में ही देखा जाएगा। एक अदालत में सभी मामलों के आने से अब सुनवाई की प्रक्रिया अधिक समन्वित तरीके से आगे बढ़ने की उम्मीद है।

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