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नासिक

नासिक शहर के 49 अस्पतालों को लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी, जानें क्या है मामला

अमन दुबे

नासिक : नासिक महानगरपालिका (Nashik Municipal Corporation) की ओर से संचालित अस्पतालों (Hospitals) मरीजों (Patients) की सेवा शुल्क सूची दर्शनीय भाग में लगाने की जानकारी देने के बाद भी इस नियम का पालन न होने के कारण चिकित्सा विभाग (Medical Department) की ओर से 49 अस्पतालों को नोटिस (Notices) भेजकर उनके लाइसेंस (Licenses) रद्द करने की चेतावनी दी गई है। कोविड कालावधि में मरीजों की इलाज के नाम पर भारी लूट संबंधी शिकायतें  सामने आने के बाद राज्य सरकार ने महाराष्ट्र शुश्रूषा अधिनियम में सुधार किया और सुधार के तहत बनाए गए नए नियम के आधार पर अस्पताल प्रशासन को अस्पताल के दर्शनीय क्षेत्रों में अस्पताल की दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं का दरपत्रक और मरीज दी जाने वाली सुविधाओं के बारे लिखित सूचना का उल्लेख करना जरूर है। 

राज्य सरकार की ओर से दिए गए इस आदेश का परिणाम यह हुआ कि बहुत से अस्पतालों में मरीजों के इलाज के नाम पर की जा रही धनउगाही पर प्रतिबंध लग गया दिया। इलाज के नाम पर मरीजों के साथ की जा रही आर्थिक लूट का रोकने के लिए नोटिस भेजने का काफी असर पड़ा है। 

कोविड का प्रकोप समाप्त होने के बाद राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश को भूला दिया गया। इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। नासिक महानगरपालिका की ओर से प्राप्त शिकायत के अनुसार निजी अस्पतालों को याद दिलाया गया है कि महाराष्ट्र द्वितीय संशोधन अधिनियम 2021 के तहत अस्पताल के अग्रभाग में अस्पताल की ओर ले की जाने वाली मरीज सेवा शुल्क और रोगी अधिकार चार्टर के बारे में जानकारी देना अनिवार्य है।

इस संबंध में शहर के 580 निजी अस्पतालों को नोटिस भेजकर यह अनुरोध किया गया था कि इसमें मूल्य सूची लगाई जाए, लेकिन अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया गया, इसलिए नासिक महानगरपालिका के चिकित्सा विभाग ने शहर के 49 अस्पतालों को टैरिफ सूची अस्पताल में दर्शनीय भाग में लगाने और उसके के लिए स्थान तय करने के संबंध में नोटिस भेजा है। नियमानुसार शुल्क निर्धारित न करने पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई है। 

आईएमए को नोटिस

मेडिकल प्रैक्टिशनर्स के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने नाशिक और नासिक रोड दोनों संगठनों के अध्यक्षों को एक पत्र भेजा और सुझाव दिया कि महाराष्ट्र नर्सिंग अधिनियम का पालन किया जाए, अन्यथा चेतावनी दी गई है कि नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नासिक महानगरपालिका के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बापू साहेब नागरगोजे ने दिया। शहर के अस्पतालों को नासिक महानगरपालिका के चिकित्सा विभाग में पंजीकरण कराना होगा और अपने लाइसेंस का नवीनीकरण भी कराना होगा। 

नोटिस में दी गई बातों पर ध्यान दें

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी शहर के शहर के कुछ अस्पतालों को नोटिस जारी की गई थी। नोटिस में कहा गया था कि 7 दिनों के अंदर नोटिस में कही गई बातों पर अमल करे, अन्यथा उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। इस नोटिस के बाद अब एक बार फिर 49 अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है। चिकित्सा विभाग ने अस्पतालों को नोटिस भेजकर कहा गया है कि वे नोटिस में दी गई बातों की ओर गंभीरता से ध्यान दें, अन्यथा अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।

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