Deepika Chavan Financial Assistance: महाराष्ट्र सरकार द्वारा नासिक जिले में बागलाण तहसील सहित राज्य की 265 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने के बाद अब प्रभावित किसानों के बीच राहत राशि के तुरंत वितरण की मांग ने जोर पकड़ लिया है।
पूर्व विधायक एवं राज्य महिला आयोग की सदस्य दीपिका चव्हाण ने कड़ा रुख अपनाते हुए मांग की है कि सूखा राहत की घोषणा को केवल कागजों या विज्ञापनों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि किसानों को आगामी दिवाली से पहले सीधे उनके बैंक खातों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।
दीपिका चव्हाण ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बागलाण में सूखे के कारण खरीफ की लगभग सभी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में संकट से जूझ रहे किसानों को जीपीएस मैपिंग, पंचनामा और अन्य जटिल तकनीकी प्रक्रियाओं में उलझाकर सरकारी सहायता में कोई भी देरी नहीं की जानी चाहिए।
दीपिका चव्हाण ने कृषि विभाग और शासन से बागलाण तहसील में फसल नुकसान का जमीनी स्तर पर निष्पक्ष आकलन कराने की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। उनका कहना है कि सूखे से प्रभावित किसानों को राहत देने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने 3 हेक्टेयर तक के कृषि क्षेत्र के लिए बिना अनावश्यक शर्तों के पूरे बागलाण तहसील की एकमुश्त नुकसान रिपोर्ट तैयार कर सरकार को तुरंत सौंपने की मांग की। इससे प्रभावित किसानों को राहत प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
पूर्व विधायक ने घोषणा की है कि वे सोमवार, 28 सितंबर को मुंबई में पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार के साथ होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में बागलाण की मौजूदा सूखा स्थिति का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत करेंगी।
इसके अलावा, वह राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा उपमुख्यमंत्री सुनेत्राताई पवार और एकनाथ शिंदे से भी व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर इस अतिसंवेदनशील मुद्दे पर लगातार अनुगमन करेंगी।