Ashok Kharat (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया) 
नासिक

दुष्कर्म और ठगी के आरोपों में घिरे अशोक खरात की करोड़ों की जमीन चर्चा में, ईडी की नजर भी तेज

Nashik Ashok Kharat Kumbh Ring Road: ढोंगी बाबा अशोक खरात को कुंभमेला रिंग रोड परियोजना के तहत तीन करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा मिलने की जानकारी सामने आई है। कई नए सवाल खड़े हो गए हैं।

अपूर्वा नायक

Nashik Ashok Kharat Kumbh Ring Road Compensation: नासिक में कथित दैवी शक्तियों के नाम पर महिलाओं से ठगी और दुष्कर्म के आरोपों में चर्चित ढोंगी बाबा अशोक खरात इस समय पुलिस हिरासत में है। उसके खिलाफ गंभीर मामलों की जांच चल रही है और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नजर भी उस पर बताई जा रही है।

इसी बीच अब एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। कानूनी मुश्किलों में फंसे अशोक खरात और उसके परिवार को कुंभमेला रिंग रोड परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के बदले तीन करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा मिलने वाला है, जिससे नासिक में इस मामले की जोरदार चर्चा शुरू हो गई है।

दरअसल, आगामी सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारियों के तहत नासिक में 'कुंभमेला रिंग रोड' परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों की जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिसमें अशोक खरात और उसके परिवार की जमीनें भी शामिल हैं।

खरात परिवार को होगा करोड़ों का फायदा

इस जमीन अधिग्रहण के चलते खरात परिवार को करोड़ों रुपये का आर्थिक लाभ मिलने जा रहा है। गवलणे परिसर स्थित जमीन के बदले अशोक खरात और उसकी पत्नी कल्पना खरात को करीब 82 लाख 83 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

वहीं, पाथर्डी परिसर की जमीन के अधिग्रहण के लिए खरात की बेटियों तृप्तबाला खरात और सृष्टि खरात को लगभग 1 करोड़ 82 लाख रुपये की भरपाई मिलने वाली है। इस तरह कुल मुआवजा राशि तीन करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने की बात सामने आई है। इस खुलासे के बाद अशोक खरात की संपत्ति, निवेश और आर्थिक नेटवर्क को लेकर फिर से चर्चाएं तेज हो गई हैं।

निलंबित अफसर की पत्नी का नाम भी सामने

इस मामले में एक और चौकाने वाली जानकारी सामने आई है। विवादों में घिरे और वर्तमान में निलंबित उपजिलाधिकारी अभिजीत भांडे पाटिल की पत्नी का नाम भी इस जमीन सौदे से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, संबंधित भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में उन्हें भी लाखों रुपये का मुआवजा मिलने वाला है। इसके बाद पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे हैं। अब यह चर्चा भी तेज हो गई है कि जांच एजेंसियां इस आर्थिक लेनदेन और जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया की जांच करेगी या नहीं।

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