नाशिक जिले में चीनी, घटिया और प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री रोकने के लिए प्रशासन सख्त।
जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने सभी तहसीलदारों को विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए।
ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन की शिकायत के बाद प्रशासन ने कदम उठाया।
अवैध पटाखे मिलने पर माल जब्त करने और दुकान सील करने की चेतावनी।
नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज किया जाएगा।
Nashik Collector Ayush Prasad Action Chinese Firecrackers Sale: दिवाली के मद्देनजर नासिक जिला प्रशासन ने चीनी, घटिया और प्रतिबंधित पटाखों की अवैध बिक्री तथा भंडारण के खिलाफ विशेष जांच अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने तहसीलदारों को कार्रवाई के आदेश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों का माल जब्त करने, दुकान सील करने और फौजदारी मामला दर्ज करने की चेतावनी दी गई है।
नासिक में दिवाली के त्योहार से पहले पटाखों की अवैध बिक्री और भंडारण पर जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिले में चीनी, घटिया गुणवत्ता वाले और प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री रोकने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने सभी तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन के अध्यक्ष नितिन सोलंके ने जिला प्रशासन से शिकायत कर जिले में चीनी और घटिया गुणवत्ता वाले पटाखों की बिक्री तथा भंडारण पर रोक लगाने की मांग की थी। शिकायत में ऐसे पटाखों के कारोबार पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता जताई गई थी।
इसके बाद जिलाधिकारी ने तहसील स्तर पर जांच अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का उद्देश्य त्योहार के दौरान नियमों के विरुद्ध पटाखों की बिक्री और भंडारण को रोकना है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान अवैध या प्रतिबंधित पटाखे पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन कर पटाखों की बिक्री या भंडारण करने वालों का माल जब्त किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित दुकानों को सील करने के साथ दोषियों के खिलाफ फौजदारी मामले भी दर्ज किए जाएंगे।
फाउंडेशन के अध्यक्ष नितिन सोलंके ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी मेहनत की कमाई से केवल मान्यता प्राप्त और वैध पटाखे ही खरीदें। उनके अनुसार, घटिया गुणवत्ता वाले पटाखों की खरीद से आर्थिक नुकसान होने के साथ सुरक्षा संबंधी जोखिम भी पैदा हो सकते हैं।
दिवाली त्योहार के दौरान पटाखों की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों और कारोबारियों से नियमों का पालन करने की अपील की है।