Nashik Municipal Corporation Fund Crunch Smart City: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'स्मार्ट सिटी योजना' के आधिकारिक रूप से समेटे जाने के बाद, अब मनपा की मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ गई हैं। सरकार ने भले ही इस योजना को बंद कर इसके सारे अधिकार मनपा आयुक्त को सौंप दिए हों, लेकिन नासिक म्युनिसिपल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कई बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट आज भी अधूरे पड़े हैं।
इन अधूरे कामों को पूरा करने के लिए 118.96 करोड़ रुपये के भारी-भरकम फंड की जरूरत है। अब सबसे बड़ा संशय यह है कि केंद्र और राज्य सरकार अपना बकाया फंड देगी या यह पूरा आर्थिक बोझ नासिक मनपा को खुद उठाना पड़ेगा। एक तरफ जहां कंपनी बंद होने से अधिकारियों और कर्मचारियों के रोजगार पर तलवार लटक गई थी।
वहीं, दूसरी तरफ बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में मनपा के हाथ बांध दिए हैं। उच्च न्यायालय ने निर्देश दिए हैं कि स्मार्ट सिटी कंपनी के कर्मचारियों पर अगली सुनवाई तक कोई भी दंडात्मक या जबरन कार्रवाई न की जाए। यानी प्रोजेक्ट बंद होने के बावजूद मनपा न तो इन कर्मचारियों को हटा पा रही है और न ही इस व्यवस्था से पूरी तरह मुक्त हो पा रही है।
नासिक शहर में वैसे तो 18 से 19 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं, लेकिन शहर की सुरक्षा और पानी से जुड़े सबसे मुख्य प्रोजेक्ट्स अभी भी अधर में हैं, जिसमें एरिया बेस्ड डेवलपमेंट क्षेत्र में जल शुद्धीकरण केंद्रों का पुनर्विकास, स्काडा प्रणाली लागू करना और स्मार्ट वॉटर मीटर बिठाना। ईएसआर, जीएसआर और पंप हाउस का निर्माण समेत ट्रांसमिशन नेटवर्क का काम। नासिक स्मार्ट एंड सेफ सिटी सॉल्यूशंस प्रोजेक्ट, नेटवर्क बैकबोन और सीसीटीवी सर्विलांस प्रणाली।
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