नासिक के मालेगांव तहसील स्थित निमशेवड़ी में पानी को लेकर विवाद हिंसक झड़प में बदला।
टैंकर से पानी निकालने का विरोध करने पर मारपीट में दो लोग घायल हुए।
पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मामला दर्ज किया।
जिले के 103 स्थानों पर 37 टैंकरों से पेयजल पहुंचाया जा रहा है।
Nashik Tanker Water Supply: नाशिक जिले में दिवाली के उत्साह के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत को लेकर तनाव बढ़ने लगा है। गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले ही मालेगांव तहसील के निमशेवड़ी में पानी को लेकर विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
टैंकर से पानी भरने का विरोध करने पर हुई मारपीट में एक व्यक्ति के सिर पर पत्थर से वार किया गया, जबकि एक अन्य युवक का हाथ उखड़ने की बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, गांव के नागरिकों और मवेशियों के लिए उपलब्ध पानी का भंडार बचाए रखने के उद्देश्य से ग्रामीणों ने निमशेवड़ी शिवार में टैंकर के जरिए पानी निकालने का विरोध किया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव की पेयजल जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि इस दौरान शिकायतकर्ता के सिर पर पत्थर से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, एक अन्य युवक को हाथ पकड़कर जमीन पर पटकने से उसका हाथ उखड़ गया।
इस मामले में वडनेर खाकुर्डी पुलिस थाने में शरद दयाराम कन्नोर, अभिमन दयाराम कन्नोर, दयाराम लक्ष्मण कन्नोर और आकाश युवराज मासुले के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आमतौर पर गर्मी में गभीर होने वाली पानी की किल्लत इस बार नवंबर की शुरुआत में ही दिखाई देने लगी है। पेयजल, मवेशियों और खेती के लिए उपलब्ध जलस्रोतों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में जलस्रोतों से टैंकरों द्वारा पानी निकालने को लेकर विवाद सामने आ रहे है।
प्रशासन के सामने गावों में उपलब्ध जलभंडार का आकलन करने, पेयजल को प्राथमिकता देने और टैंकरों से होने वाले जलदोहन पर नियंत्रण रखने की चुनौती है। ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अनुसार, जिले के 35 गांवों और 69
वाडियों-बस्तियों सहित कुल 103 स्थानों पर 37 टैंकरों से नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे 71,729 नागरिकों को राहत मिल रही है।
मालेगाव तहसील के छह गांवों और 14 वाडियों-बस्तियों सहित कुल 20 स्थानों पर छह टैंकरों के माध्यम से 13,140 नागरिकों को पानी पहुंचाया जा रहा है। नासिक जिले में पहले से ही बड़ी संख्या में नागरिक टैंकरों पर निर्भर हैं। ऐसे में गर्मी और पानी की मांग बढ़ने के साथ संकट गहराने की आशंका है।