Malegaon Rain Prayer: महाराष्ट्र में बारिश की कमी के चलते किसानों और आम नागरिकों की चिंता बढ़ती जा रही है। बारिश का मौसम अंतिम चरण में पहुंचने के बावजूद कई क्षेत्रों में अपेक्षित बारिश नहीं होने से खेती और बागायती फसलों पर इसका असर पड़ रहा है।
पानी की कमी के कारण इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी पृष्ठभूमि में मालेगांव शहर जमीयत उलेमा मदनी रोड की ओर से लश्कर वाली ईदगाह में बारिश के लिए नमाज-ए-इस्तिस्का अदा की गई।
शहर के विधायक तथा लश्कर वाली ईदगाह के खतीब व इमाम मुफ्ती इस्माइल कासमी ने नमाज अदा कराई। इसके बाद उन्होंने खुत्बा दिया और बारिश के लिए विशेष दुआ की। इस अवसर पर विधायक मुफ्ती इस्माइल कासमी ने कहा कि बारिश के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश हुई थी, जिससे किसानों और बागायती फसल करने वाले किसानों को इस वर्ष अच्छी पैदावार की उम्मीद थी।
लेकिन अगस्त का महीना पूरा होने और सितंबर समाप्त होने की कगार पर पहुंचने के बावजूद बारिश रुक गई है। इसके कारण खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हो रही हैं और बागायती फसलों पर भी संकट मंडरा रहा है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने सर्वे के बाद राज्य के 70 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। उन्होंने बताया कि इस्लाम में बारिश के लिए विशेष नमाज और दुआ का तरीका बताया गया है। पैगंबर हजरत मुहम्मद के दौर में भी बारिश रुकने पर नमाज-ए-इस्तिस्का अदा कर अल्लाह से बारिश की दुआ की गई थी।
इसी सुन्नत के मुताबिक मालेगांव के लोगों के साथ मिलकर बारिश के लिए दुआ की गई है। मुफ्ती इस्माइल कासमी ने उम्मीद जताई कि अल्लाह तआला अपनी रहमत और करम से दुआ कबूल फरमाएगा और बारिश बरसाएगा। उन्होंने कहा कि यदि बारिश नहीं होती है, तब भी अल्लाह से अपनी जरूरतें पूरी करने, किसानों और आम लोगों को कर्ज, भूख और परेशानियों से महफूज रखने की दुआ की गई है।