मंडी के बाहर कृषि उपज के कारोबार पर भी लाइसेंस का नियम लागू।
पणन संचालक संजय कदम ने 30 सितंबर 2026 को जारी किया परिपत्र।
किसानों को वजन, दर और देय राशि की जानकारी वाली अधिकृत रसीद देना जरूरी।
बिना लाइसेंस कारोबार और भुगतान में धोखाधड़ी की शिकायतों पर विभाग सख्त।
Maharashtra Nashik Onion Trade License APMC Rules: महाराष्ट्र में कृषि उपज मंडी समितियों के बाहर प्याज, फल और सब्जियों समेत अधिसूचित कृषि उपज की खरीद-बिक्री के लिए भी वैध लाइसेंस अनिवार्य है। पणन विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
लासलगांव, महाराष्ट्र में कृषि उपज मंडी समितियों (एपीएमसी) के कार्यक्षेत्र के बाहर प्याज, फल, सब्जियों और अन्य अधिसूचित कृषि उपज की खरीद-बिक्री करने वाले व्यापारियों के लिए वैध लाइसेंस अनिवार्य है। महाराष्ट्र राज्य के पणन संचालक संजय कदम ने 30 सितंबर 2026 को जारी परिपत्र में यह स्पष्ट किया है। पणन विभाग ने संबंधित मंडी समितियों, जिला उपनिबंधकों और सहकारी संस्थाओं को नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
पिछले कुछ वर्षों में मंडी समितियों के बाहर नियमनमुक्ति के नाम पर बिना अनुमति कृषि उपज का कारोबार किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। नाशिक जिले में विशेष रूप से प्याज की मंडियों के बाहर अनधिकृत नीलामी और खरीद-बिक्री के मामले सामने आने की बात कही गई है।
इसके अलावा, कुछ व्यापारियों पर किसानों से कृषि उपज खरीदने के बाद भुगतान नहीं करने और धोखाधड़ी करने की शिकायतें भी मिली थीं। इन मामलों को देखते हुए पणन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमनमुक्ति के प्रावधानों का इस्तेमाल वैध लाइसेंस की अनिवार्यता से बचने के लिए नहीं किया जा सकता।
परिपत्र के अनुसार, अधिसूचित कृषि उपज की खरीद-बिक्री के लिए संबंधित व्यापारी के पास प्रत्यक्ष पणन लाइसेंस, एकल बाजार लाइसेंस अथवा संबंधित कृषि उपज मंडी समिति का वैध लाइसेंस होना आवश्यक है। कारोबार निर्धारित नियमों के तहत ही किया जा सकेगा।
विभाग ने मंडी समितियों और निजी बाजारों में कृषि उपज की बिक्री पारदर्शी खुली बोली प्रक्रिया के माध्यम से कराने पर भी जोर दिया है। किसानों को उपज का वजन, निर्धारित दर और देय राशि स्पष्ट रूप से दर्ज करने वाली अधिकृत रसीद देना अनिवार्य होगा। इससे लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ने और भुगतान संबंधी विवाद कम होने की उम्मीद है।
निफाड के पूर्व पंचायत समिति सदस्य प्रकाश पाटील सहित किसान वर्ग और मंडी समिति प्रशासन ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका मानना है कि बिना लाइसेंस कारोबार पर नियंत्रण से किसानों के साथ होने वाली धोखाधड़ी रोकने में मदद मिल सकती है।
अब संबंधित मंडी समितियों और प्रशासन की जिम्मेदारी होगी कि वे निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों पर नियमानुसार कार्रवाई से कृषि उपज के कारोबार में पारदर्शिता और अधिकृत मंडी व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।