Nasik Palghar Maharashtra Earthquake: महाराष्ट्र के उत्तरी और तटीय इलाकों में शनिवार (25 जुलाई) की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब नासिक और पालघर जिलों में एक के बाद एक भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। अचानक हुई इस भूगर्भीय हलचल के कारण बोरगांव और कासा इलाकों में दहशत में आए लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए।
राहत की बात यह रही कि झटकों की तीव्रता कम होने के कारण अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
नासिक जिले के सुरगाणा तालुका स्थित बोरगांव और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में सुबह 9:55 बजे से भूकंप के लगातार चार हल्के झटके दर्ज किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर इन झटकों की तीव्रता 3.6 मापी गई।
भूकंप का केंद्र नासिक शहर से लगभग 44 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम (NNW) दिशा में जमीन के भीतर स्थित था। एक के बाद एक लगातार झटके महसूस होते ही बोरगांव और सुरगाना के स्थानीय निवासी घबराकर खुले मैदानों की ओर दौड़ पड़े।
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नासिक में भूकंप के कुछ ही देर बाद पालघर जिले के दहानू तालुका अंतर्गत धुंदलवाड़ी और कासा इलाके में सुबह लगभग 10:57 बजे भूकंप का झटका महसूस किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.1 दर्ज की गई।
सीस्मोलॉजी सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक, पालघर में आए इस भूकंप का केंद्र मुंबई से लगभग 93 किलोमीटर उत्तर में तथा जमीन से करीब 9 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। पालघर का यह क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों से लगातार हल्के भूगर्भीय झटकों के लिए संवेदनशील रहा है।
भूकंप की घटनाओं के बाद नासिक और पालघर दोनों जिलों के आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं। प्राथमिक समीक्षा के बाद अधिकारियों ने पुष्टि की है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कहीं से भी किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न देने की सख्त अपील की है।