Nashik Agriculture Crisis: नासिक लासलगांव सहित नासिक जिले की प्रमुख कृषि उपज मंडी समितियों में जनवरी महीने के दौरान लाल प्याज की भारी आवक के कारण बाजार भाव में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। अकेले जनवरी माह में नासिक जिले की विभिन्न मंडियों में कुल 35 लाख क्विंटल लाल प्याज की आवक दर्ज की गई।
घरेलू और विदेशी बाजारों में मांग की तुलना में केवल नासिक जिले से आपूर्ति अत्यधिक बढ़ जाने के कारण, 1 जनवरी की तुलना में 31 जनवरी तक अधिकतम बाजार भाव में 1151 रुपये और औसत भाव में लगभग 770 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। इस मंदी का सीधा असर कांदा उत्पादक किसानों पर पड़ा है।
अनुमान है कि केवल जनवरी महीने में ही किसानों को करीब 269.50 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। वर्तमान दरों से उत्पादन लागत भी नहीं निकल पाने के कारण किसान गहरे संकट में हैं। इस स्थिति को देखते हुए किसानों ने सरकार से मुआवजे के रूप में प्रति क्विंटल कम से कम 1000 रुपये अनुदान देने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर राहत प्रदान करनी चाहिए, नासिक जिले में हुई कुल 35 लाख क्विंटल की आवक में से अकेले लासलगांव मुख्य मंडी, विंचूर और निफाड उप-बाजारों में 10 लाख 54 हजार 606 क्विंटल लाल प्याज की आवक हुई।
यहाँ 1 जनवरी 2026 को अधिकतम भाष 2611 रुपये और औसत भाव 1870 रुपये था, जो 31 जनवरी तक गिरकर अधिकतम 1460 रुपये और औसत 1100 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया।
बांग्लादेश में जारी हिंसा और वहां के स्थानीय प्याज की आवक शुरू होने से निर्यात लाइसेंस बंद कर दिए गए है, श्रीलंका द्वारा आयात शुल्क बढ़ाने और नेपाल में मांग घटने का भी असर पड़ा है।
इसके अलावा, खाड़ी देशों में पाकिस्तान और चीन का सस्ता प्याज उपलब्ध होने से भारतीय प्याज की वैश्विक मांग कम हुई है। केंद्र सरकार को निर्यात बढ़ाने के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए।
- प्याज निर्यात व्यापारी, मनोज जैन