कलवण एंबुलेंस में प्रसव (सोर्सः सोशल मीडिया)
नासिक

Nashik News: चलती एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव, 108 सेवा की टीम ने बचाई मां और नवजात की जान

108 Ambulance Safe Delivery: कलवण के दुर्गम आदिवासी इलाके में 102 एंबुलेंस नहीं पहुंचने का आरोप लगा। 108 सेवा की टीम ने चलती एंबुलेंस में सुरक्षित प्रसव कराकर मां और नवजात की जान बचाई।

आंचल लोखंडे

Kalwan Ambulance Delivery: कलवण तहसील के निवाणे स्थित एक दुर्गम आदिवासी पाड़े में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। मूसलाधार बारिश के कारण कीचड़ से भरे रास्ते पर प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक 18 वर्षीय गर्भवती महिला के परिजनों द्वारा बार-बार संपर्क करने के बाद भी 102 'जननी एम्बुलेंस' सहायता के लिए नहीं पहुंची।

हालांकि, 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण चलती एम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया, जिससे मां और नवजात बच्चे की जान बच गई। गुजरात से मजदूरी के लिए आया एक आदिवासी परिवार निवाणे इलाके में रह रहा है। 18 अगस्त की सुबह गर्भवती महिला को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने तुरंत 102 एम्बुलेंस को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

दुर्गम आदिवासी इलाका

इसके बाद परिजनों ने 108 आपातकालीन सेवा से संपर्क किया, जो महज 15 मिनट में दुर्गम स्थल पर पहुंच गई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में स्थिति गंभीर होने पर डॉ. दीपक अहिरे के मार्गदर्शन में चिकित्सा टीम ने एम्बुलेंस में ही प्रसव कराने का निर्णय लिया।

प्रशिक्षित कर्मचारियों ने सूझबूझ

प्रसव के दौरान नवजात के गले में गर्भनाल फंसने से कुछ समय तनाव रहा, लेकिन प्रशिक्षित कर्मचारियों ने सूझबूझ से स्थिति संभाली। फिलहाल मां और बच्चे दोनों को आगे के इलाज के लिए कलवण उप-जिला अस्पताल में सुरक्षित भर्ती कराया गया है और दोनों की हालत स्थिर है। इस घटना के बाद 108 सेवा की सराहना हो रही है, जबकि नागरिकों ने 102 एम्बुलेंस की लापरवाही पर जांच और कार्रवाई की मांग की है।

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