सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले गोदावरी नदी की सफाई के लिए नाशिक मनपा की तैयारी।
नदी और सहायक नदियों की सफाई के लिए 80 कर्मचारी नियुक्त होंगे।
कर्मचारियों की नियुक्ति तीन साल के लिए किए जाने की योजना।
जलकुंभी हटाने के लिए नया स्कीमर यंत्र खरीदा जाएगा।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और मौजूदा संयंत्रों के सुदृढ़ीकरण पर 1,500 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना।
प्रदूषण को लेकर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मनपा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
Nashik Municipal Corporation Godavari River Pollution Cleanup: सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले गोदावरी नदी को स्वच्छ बनाने के लिए नासिक महानगरपालिका ने विशेष अभियान की तैयारी की है। नदी और उसकी सहायक नदियों से जलकुंभी और कचरा हटाने के लिए 80 सफाई कर्मचारी तीन साल के लिए नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा जलकुंभी निकालने के लिए नया स्कीमर यंत्र खरीदा जाएगा। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने और मौजूदा संयंत्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए 1,500 करोड़ रुपये की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले गोदावरी नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में नासिक महानगरपालिका ने तैयारी तेज कर दी है। शहर से गुजरने वाली गोदावरी नदी के पात्र में जलकुंभी, प्लास्टिक और अन्य कचरे की समस्या दूर करने के लिए मनपा 80 सफाई कर्मचारियों की स्वतंत्र टीम तैनात करने जा रही है। इसके साथ ही जलकुंभी हटाने के लिए नया 'स्कीमर' यंत्र भी खरीदा जाएगा।
सिंहस्थ कुंभ पर्व की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हो चुकी है। ऐसे में गोदावरी नदी की स्वच्छता और प्रदूषण का मुद्दा चर्चा में है। कुंभ मेले के दौरान देशभर से साधु-संत और लाखों श्रद्धालु गोदावरी में स्नान के लिए पहुंचेंगे। नदी की खराब स्थिति से धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के सामने शहर की छवि प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
नासिक शहर में गोदावरी नदी लगभग 21 किलोमीटर के क्षेत्र से होकर गुजरती है। नदी के पात्र में गंदा पानी मिलने, जलकुंभी फैलने और कचरा जमा होने के कारण पानी दूषित होने की शिकायतें सामने आई हैं। इस मुद्दे पर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हाल ही में महानगरपालिका को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।
गोदावरी और उसकी सहायक नदियों के पात्र से जलकुंभी हटाने तथा नियमित सफाई के लिए 80 कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। यह नियुक्ति तीन साल के लिए करने की तैयारी है। मनपा के पर्यावरण एवं गोदावरी संरक्षण प्रकोष्ठ की प्रमुख तथा उपायुक्त डॉ. संगीता नांदुरकर ने बताया कि इस संबंध में निविदा प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही सफाई का काम शुरू किया जाएगा।
ये कर्मचारी नदी के पात्र से जलकुंभी और अन्य जलीय वनस्पतियां निकालने के साथ प्लास्टिक तथा अन्य कचरे की सफाई करेंगे। नदी में पूजा सामग्री और प्रसाद का कचरा फेंके जाने से भी प्रदूषण बढ़ रहा है। ऐसे में नियमित सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जलकुंभी हटाने और नदी के प्रवाह को स्वच्छ रखने के लिए मनपा नया स्कीमर यंत्र खरीदने जा रही है। इसके लिए भी निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। इस मशीन की मदद से नदी में फैलने वाली जलकुंभी और तैरते कचरे को हटाने में मदद मिलेगी।
नदी में गंदा पानी जाने से रोकने के लिए मनपा ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने और मौजूदा संयंत्रों की क्षमता तथा व्यवस्था मजबूत करने का काम भी हाथ में लिया है। इस पूरी योजना पर करीब 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इसके साथ ही नदी तट के समानांतर बिछी सीवर लाइनों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
कुंभ मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए गोदावरी की सफाई और सीवेज प्रबंधन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मनपा की इन योजनाओं का उद्देश्य नदी में प्रदूषण कम करना और श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है।