Nashik Kumbh Mela:आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनज़र उद्यमियों, इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स को शहर के पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सेवाओं में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। इससे न केवल उद्योगों का विस्तार होगा, बल्कि सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी। यह विचार जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने व्यक्त किए।
नासिक जिला प्रशासन, सीएसआर बॉक्स और कुंभथॉन इनोवेशन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “गोदावरी इम्पैक्ट इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव” के उद्घाटन अवसर पर वे बोल रहे थे। ताज गेटवे होटल में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य टिकाऊ विकास के लिए नए विचारों, साझेदारी और निवेश को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर श्रीकांत पाटिल, डीआईजीओ के ग्लोबल डायरेक्टर जेम्स आशल और सीएसआर बॉक्स के सीईओ भौमिक शाह भी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने प्रयागराज और नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रयागराज कुंभ नदी किनारे (शहर के बाहर) आयोजित हुआ था, जबकि नासिक का कुंभ शहर के बीचों-बीच होता है। इसलिए यहां की चुनौतियां अलग हैं। प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सुगम वातावरण और बेहतर सेवाएं देना है, जिसके लिए स्टार्टअप्स का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने जल प्रबंधन, जलवायु-अनुकूल कृषि और एमएसएमई (MSME) क्षेत्र में निवेश पर विशेष जोर दिया।
महाराष्ट्र इनोवेटिव सोसायटी के अध्यक्ष श्रीकांत पाटिल ने घोषणा की कि जिला स्तर के नए विचारों को अब मुंबई तक भटकना नहीं पड़ेगा। स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर ‘इनोवेटिव सेल’ और जल्द ही नासिक में विभागीय स्तर पर ‘इनोवेटिव हब’ स्थापित किया जाएगा।
ये भी पढ़े: पश्चिम रेलवे की ‘फागुन फेरी’ स्पेशल, बांद्रा टर्मिनस-पालिताना के बीच चलेगी सुपरफास्ट ट्रेन
सीएसआर बॉक्स के सीईओ भौमिक शाह ने बताया कि इस कॉन्क्लेव के माध्यम से 30 से अधिक स्टार्टअप्स को निवेशकों और सरकार के साथ सीधे संवाद का अवसर मिला। सस्टेनेबल डेवलपमेंट और सार्वजनिक सेवा तकनीक जैसे क्षेत्रों में बेहतर समाधान पेश करने वाले छात्रों के लिए ‘हैकथॉन’ का आयोजन भी किया गया और विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने स्टार्टअप्स द्वारा लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन किया और उनके नवाचारों की सराहना की।